रायपुर। राजधानी रायपुर में बिजली विभाग की एक तकनीकी लापरवाही ने हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी में डाल दिया है। जिन लोगों का हर महीने बिजली बिल आमतौर पर दो से चार हजार रुपये के बीच आता था, उन्हें जून माह के लिए अचानक तीन लाख रुपये या उससे अधिक का बिल भेज दिया गया। मोबाइल पर लाखों रुपये के बिजली बिल का एसएमएस मिलते ही उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। कई लोगों को पहले लगा कि शायद उनका मोबाइल हैक हो गया है या किसी और का बिल उनके नंबर पर आ गया है, लेकिन बाद में पता चला कि यह बिजली कंपनी की बिलिंग प्रणाली में आई तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम था।

गलत बिल मिलने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली वितरण कंपनी के कार्यालयों में पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। वहीं कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने बिजली बिल के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। देखते ही देखते मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।

सॉफ्टवेयर की छोटी गलती से लाखों का बिल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिल जनरेट करने वाले सॉफ्टवेयर में मीटर रीडिंग दर्ज करने के दौरान दशमलव (Decimal) लगाने में तकनीकी त्रुटि हो गई। इसी वजह से वास्तविक यूनिट खपत कई गुना अधिक दर्ज हो गई और तीन या चार अंकों में आने वाला बिल सीधे छह अंकों में बदल गया। परिणामस्वरूप करीब तीन हजार रुपये का वास्तविक बिल कई मामलों में तीन लाख रुपये से अधिक दिखाई देने लगा।

इस तकनीकी गड़बड़ी का असर रायपुर के कई इलाकों में देखने को मिला। गुढ़ियारी, भाठागांव, आमानाका, संतोषी नगर, शंकर नगर, रायपुरा, सुंदर नगर सहित कई प्रमुख कॉलोनियों के उपभोक्ता इससे प्रभावित हुए। अचानक आए भारी-भरकम बिलों ने लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा कर दी।

शिकायतों के बाद हरकत में आया विभाग
गलत बिलों की शिकायतें लगातार मिलने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि समस्या बिलिंग सॉफ्टवेयर में आई त्रुटि के कारण हुई थी, न कि उपभोक्ताओं की वास्तविक बिजली खपत में किसी असामान्य वृद्धि के कारण। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित सभी बिलों का सत्यापन कराया गया है और जहां-जहां त्रुटि पाई गई, वहां उसे तत्काल सुधार दिया गया। संशोधित बिल तैयार कर सही राशि के साथ उपभोक्ताओं को दोबारा एसएमएस भेजे जा रहे हैं। जिन लोगों तक अभी संशोधित बिल नहीं पहुंचे हैं, उनके लिए भी प्रक्रिया जारी है।

बिजली कंपनी ने दी सफाई
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल बिलिंग सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी समस्या थी, जिसे समय रहते पहचानकर सुधार लिया गया है। कंपनी का कहना है कि किसी भी उपभोक्ता से गलत राशि वसूलने का प्रश्न नहीं उठता और सभी प्रभावित उपभोक्ताओं को संशोधित बिल जारी किए जा रहे हैं।

उपभोक्ताओं से की गई अपील
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी को अब भी असामान्य या अत्यधिक राशि का बिजली बिल प्राप्त होता है, तो घबराने के बजाय तुरंत अपने संबंधित बिजली वितरण कार्यालय से संपर्क करें या शिकायत दर्ज कराएं। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि प्रत्येक शिकायत का सत्यापन कर आवश्यक सुधार किया जाएगा और सही बिल जारी किया जाएगा, ताकि किसी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।