पखांजूर। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र की ग्राम पंचायत जयपुर में तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। करीब 2.94 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सफाई और गहरीकरण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिस काम का सरकारी रिकॉर्ड में पूरा होना दर्शाया गया है, उसकी वास्तविक स्थिति मौके पर अलग दिखाई देती है।

ग्रामीणों के मुताबिक तालाब की सफाई और गहरीकरण का उद्देश्य जल संरक्षण और ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ। आरोप है कि काम अधूरा रहने के बावजूद पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया। इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिकायत में पंचायत के सरपंच, सचिव और संबंधित उप अभियंता (सब इंजीनियर) की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। आरोप है कि कार्य का सही तरीके से भौतिक सत्यापन किए बिना ही माप पुस्तिका और अन्य दस्तावेजों के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला माना जा सकता है।

मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि अलग-अलग भुगतान दस्तावेजों में एक ही बिल क्रमांक (259) का उपयोग कर अलग-अलग राशि निकाली गई। ग्रामीणों का कहना है कि भुगतान से जुड़े सभी अभिलेखों और बिलों की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं सरकारी धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य गांव की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना है, लेकिन यदि कागजों में काम पूरा दिखाकर राशि निकाल ली जाए तो इसका सीधा नुकसान जनता को होता है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों को जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है।