
रायपुर ।पेट्रोल और डीजल की किल्लत के बीच लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तरफ इस कदर बढ़ा है कि अब किसी भी कंपनी के शो-रूम में गाड़ियां ऑन डिमांड नहीं मिल रही हैं। गाड़ियों की बिक्री दोगुनी से भी ज्यादा होने के कारण राज्य सरकार की ओर से ईवी पर दी जाने वाली सब्सिडी का बजट गड़बड़ा गया है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन यह बजट शुरुआती चार महीनों में ही खत्म हो गया है। पुरानी बकाया राशि और नई गाड़ियों की बिक्री को एक साथ मिला लिया जाए, तो सब्सिडी का यह आंकड़ा 155 करोड़ के पार पहुंच चुका है।
हालात यह हैं कि कार या दोपहिया वाहन खरीदने वालों को शो-रूम में बुकिंग कराने के बाद लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों की डिलीवरी बुकिंग के 7 से 14 दिन बाद हो पा रही है। वहीं, खासतौर पर कारों की डिलीवरी के लिए ग्राहकों को एक महीने तक का समय लग जा रहा है। पिछले वित्तीय साल 2025-26 में लगभग 25 हजार ई-व्हीकल बिके थे। इसकी तुलना में इस साल सिर्फ जनवरी से जून तक ही 12 हजार से ज्यादा गाड़ियां बिक चुकी हैं और डिमांड लगातार बनी हुई है।
सदन में उठा सब्सिडी भुगतान का मुद्दा
विधानसभा के मानसून सत्र में भी ई-वाहन नीति को लेकर चर्चा हुई। कुरूद से भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के प्रश्न के जवाब में वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुसार 20 लाख रुपए तक की गाड़ियों पर 10 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। अगस्त 2022 में यह नीति लागू होने से लेकर 15 जून 2026 तक कुल 1 लाख 22 हजार 862 वाहनों के लिए 270.45 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जानी थी। इसमें से 53 हजार 308 वाहनों के लिए 115.77 करोड़ रुपए का भुगतान जारी किया जा चुका है।दोगुनी रफ्तार से बिक रहे वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिक्री के आंकड़ों में भारी उछाल आया है। पिछले साल जून 2025 में 2471 दोपहिया और 753 कार व ई-रिक्शों की बिक्री हुई थी। वहीं, इस साल जून 2026 में ही 3849 दोपहिया और 1761 कार-ई-रिक्शों की बिक्री हो चुकी है। ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गर्ग का कहना है कि शहर के सभी दो और चार पहिया वाहनों के शो-रूम में ईवी की बिक्री कई गुना बढ़ चुकी है। देश के कई राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में इसकी रफ्तार 10 प्रतिशत से भी ज्यादा है। इसी वजह से सब्सिडी की रकम भी बढ़ गई है।
इस साल 75 हजार गाड़ियां बिकने का अनुमान
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (फाडा) के अनुसार, राजधानी समेत पूरे राज्य में हर माह ईवी की बिक्री का आंकड़ा बढ़ रहा है। जनवरी 2026 में राज्यभर में 279 कारें बिकी थीं, लेकिन जून में यह संख्या 297 हो गई। इस साल सबसे ज्यादा मार्च में 375 और अप्रैल में 320 कारें बिकीं। राज्यभर में सर्वाधिक 905 कारें केवल रायपुर में बिकी हैं। पेट्रोल-डीजल की किल्लत के दौरान मार्च और अप्रैल में 5000 से ज्यादा दोपहिया वाहन बिक गए। शो-रूम संचालकों का दावा है कि जिस रफ्तार से गाड़ियां बिक रही हैं, इस वित्तीय साल में 75 हजार से ज्यादा वाहन बिक सकते हैं। ऐसे में सब्सिडी की रकम 200 करोड़ तक जा सकती है। बजट कम होने से अफसर भी परेशान हैं, लेकिन उनका कहना है कि नियमों के अनुसार सभी को सब्सिडी दी जाएगी और जिन लोगों ने ईवी गाड़ियां खरीदी हैं, उन्हें यह रकम हर हाल में मिलेगी।