
बालोद। रक्षाबंधन पर अपनों के बीच पहुंचने की जल्दबाजी यात्रियों के लिए शुक्रवार सुबह परेशानी का सबब बन गई। बालोद से रायपुर जाने वाली सुबह की मेमू ट्रेन निर्धारित समय से करीब तीन घंटे देरी से चली। ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई और आखिरकार कई लोगों ने बसों का रुख कर लिया।
ट्रेन का इंतजार लंबा हुआ तो बस बनी मजबूरी
सुबह जल्दी घर से निकले यात्रियों को उम्मीद थी कि वे समय पर ट्रेन पकड़कर रायपुर और रास्ते में आने वाले अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। लेकिन मेमू ट्रेन के विलंबित होने से यात्रियों की योजना बिगड़ गई। ट्रेन का इंतजार करने के बजाय बड़ी संख्या में लोग बस स्टैंड की ओर निकल पड़े। देखते ही देखते बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई और कई रूट की बसों में भारी भीड़ नजर आई।
बसों में सीटें फुल, खड़े होकर सफर करने की नौबत
त्योहार के कारण पहले से ही यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा थी। ऊपर से ट्रेन लेट होने के बाद बसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया। यात्रियों के मुताबिक, कई बसों में बैठने की सीटें भरने के बाद भी लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर हुए। कुछ यात्रियों ने दावा किया कि बसों में क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण अंदर पैर रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं थी।
त्योहार पर ओवरलोडिंग ने बढ़ाई चिंता
रक्षाबंधन के मौके पर हर यात्री जल्द से जल्द अपने परिवार तक पहुंचना चाहता है। ऐसे में परिवहन के सीमित विकल्पों के बीच यात्रियों की मजबूरी भी बढ़ गई। भीड़भाड़ वाली बसों में ओवरलोडिंग की स्थिति ने सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी। यात्रियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अचानक बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे और परिवहन विभाग को पहले से अतिरिक्त इंतजाम करने चाहिए।
यात्रियों ने मांगी बेहतर व्यवस्था
यात्रियों का कहना है कि त्योहार के दिनों में अतिरिक्त ट्रेनें और बसें चलाने के साथ समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। एक तरफ ट्रेन में घंटों की देरी और दूसरी तरफ बसों में क्षमता से ज्यादा भीड़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। अब यात्रियों की मांग है कि आने वाले त्योहारों को देखते हुए रेलवे और परिवहन विभाग यात्री दबाव का पहले से आकलन करे, ताकि लोगों को सफर के दौरान इंतजार, भीड़ और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।