
रायपुर। ईडी, सीबीआई और एसीबी के बाद अब सेंट्रल जीएसटी ने भी महादेव बुक के कर्ताधर्ताओं पर शिकंजा कस दिया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने अनुसार पहली अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच इन सटोरियों ने 1.45 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया। अब विभाग ने 40,603 करोड़ रुपए टैक्स का नोटिस जारी किया हैं। वसूली के लिए 26 अगस्त को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। चेतावनी दी गई है कि पैसा नहीं चुकाया तो अंजाम भुगतना होगा।
डीजीजीआई की रायपुर जोनल यूनिट के अधिकारी सुजित मल्लिक और शिवि सांगवान ने मामले की जांच में पाया है कि महादेव बुक महज कोई मोबाइल एप नहीं, बल्कि ऑनलाइन सट्टेबाजी का पूरा सिंडिकेट था। gold365.com, laser247.com, play247.win जैसे दर्जनों प्लेटफॉर्म इसका हिस्सा थे। नेटवर्क के भीतर 2000 से ज्यादा पैनल चल रहे थे। रोजाना हर पैनल से औसतन 5 से 10 लाख रुपए आ रहे थे। यानी हर दिन करीब 99 करोड़ रुपए सिर्फ सट्टे से जमा हो रहे थे। मुनाफा भी ऐसा कि 70 से 80 फीसदी हिस्सा दुबई में बैठे प्रमोटर सौरभ और उप्पल की जेब में जाता था।
ऐसे बिछाया था सट्टे का जाल
पूरा काम कॉरपोरेट स्टाइल में 30-70 की पार्टनरशिप वाले मॉडल पर चल रहा था। दुबई में बैठे बॉस सॉफ्टवेयर और सर्वर संभालते थे। दूसरी कड़ी में टाइगर एक्सचेंज या गोल्ड 365 जैसी फ्रैंचाइजी बेची जाती थीं। भारत के अलावा थाईलैंड और मलेशिया से भी ऑपरेटर काम कर रहे थे। लोकल एजेंट व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए ग्राहकों को फांसते थे। लेन-देन के लिए गरीबों के नाम पर हजारों बैंक खाते और फर्जी कंपनियां खोल दी गईं। छोटी रकम नेट बैंकिंग से तो बड़ी रकम क्रिप्टो के रास्ते पार की जाती और हवाला के जरिए दुबई पहुंचती थी।
टैक्स देने से धंधा सफेद नहीं होगा
मजेदार बात यह है कि सीए चेतन तारवानी के मुताबिक, अगर ये लोग 40 हजार करोड़ का टैक्स चुका भी दें, तो भी इस व्यवसाय को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी। सट्टा खेलना वैसे ही गैरकानूनी है, इसलिए बाकी एजेंसियों के डंडे चलते रहेंगे। टैक्स नहीं देने पर जीएसटी विभाग अलग से केस दर्ज करके गिरफ्तारी और संपत्ति सीज करने की तैयारी में है।
मार्च 2022 में दुर्ग में दर्ज हुई पहली
एफआईआर से शुरू हुई इस कहानी में ईडी, ईओडब्ल्यू और जनवरी 2025 में सीबीआई ने मोर्चा संभाला था। अब 27 अगस्त 2026 को जीएसटी ने अपना बकाया निकाल लिया है।