
Hantavirus एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित चूहों के मल, मूत्र, लार या उनके संपर्क में आने से फैल सकता है। यह वायरस धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करता है और कई मामलों में फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। भारत में भी इसे लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है और एक्सपर्ट लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी जगहें जहां लंबे समय से सफाई नहीं हुई हो और चूहों की मौजूदगी हो, वहां हंता वायरस फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। संक्रमित धूल के कण हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं।
खासतौर पर इन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है:
- किसान और खेतों में काम करने वाले लोग
- सफाईकर्मी
- गोदाम या स्टोर रूम में काम करने वाले कर्मचारी
- पुराने बंद कमरों या बेसमेंट की सफाई करने वाले लोग
- ऐसे लोग जो अक्सर चूहों या उनकी गंदगी के संपर्क में आते हैं
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण
इस वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे लग सकते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज बुखार
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- सिरदर्द
- कमजोरी और ज्यादा थकान
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में जकड़न
- फेफड़ों में संक्रमण जैसी समस्या
अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
कैसे करें बचाव?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर हंता वायरस के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बचाव के आसान उपाय:
- घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें
- चूहों को घर में आने से रोकें
- बंद जगहों की सफाई करते समय मास्क और दस्ताने पहनें
- सूखी धूल को सीधे झाड़ने के बजाय पहले कीटाणुनाशक का छिड़काव करें
- चूहों के मल-मूत्र को बिना सुरक्षा के हाथ न लगाएं
समय रहते सावधानी बरतना ही इस वायरस से बचाव का सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।