
कोलकाता। आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल कानूनी विवाद में घिर गए हैं। उनके खिलाफ दर्ज रेप और आपराधिक धमकी के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस को कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अदालत के आदेश के बाद हुगली जिले के मोगरा थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच तेज कर दी गई है। हाई कोर्ट ने जांच एजेंसी को मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
महिला ने लगाए गंभीर आरोप
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता महिला का दावा है कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से अभिषेक पोरेल के साथ रिश्ते में थी। महिला का आरोप है कि दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया था, लेकिन क्रिकेटर ने शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में विवाह से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब महिला ने विरोध किया तो उसे कथित रूप से निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। साथ ही मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए गए हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने शिकायत के आधार पर गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में प्रमुख आरोप शामिल हैं
- शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म का आरोप
- मारपीट और शारीरिक उत्पीड़न
- आपराधिक धमकी (क्रिमिनल इंटिमिडेशन)
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल होगी।
हाई कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?
अदालत ने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पुलिस को सभी आवश्यक डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा गया है। कोर्ट के निर्देशों के बाद जांच एजेंसियां मामले में अगली कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई हैं।
अभिषेक पोरेल ने आरोपों से किया इनकार
अभिषेक पोरेल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। हालांकि, हाई कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद उनकी ओर से कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कौन हैं अभिषेक पोरेल?
22 वर्षीय अभिषेक पोरेल बंगाल के उभरते क्रिकेटरों में शामिल हैं। वह घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं और इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हैं। ऋषभ पंत की अनुपस्थिति के दौरान उन्हें आईपीएल में मौका मिला था, जिसके बाद उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी से पहचान बनाई।
जांच जारी, अंतिम फैसला आना बाकी
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता का परीक्षण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता जब तक सक्षम अदालत उसे दोषी सिद्ध न कर दे।