
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद हुई है। मामले में पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कोर्ट में पेशी, थाने के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज को आज, 5 सितंबर को कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया। उनकी पेशी को देखते हुए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। बताया गया कि समर्थकों के जुटने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेडिंग की और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। पुलिस हिरासत के दौरान जांच एजेंसी घटना के पूरे घटनाक्रम, कथित मारपीट और इसमें शामिल लोगों की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर सकती है।
नाबालिग से जुड़े मामले में POCSO के तहत FIR
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब एक नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी FIR दर्ज की गई। शिकायत में कथित ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं को भी शामिल किया है। यह मामला CJP कार्यकर्ताओं की ओर से की गई शिकायत और कार्रवाई की मांग के बाद सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
प्रदर्शन में नाबालिग के पिता से मारपीट का आरोप
पुलिस की कार्रवाई का एक प्रमुख आधार 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला बताया जा रहा है। घटना के बाद सामने आए अलग-अलग वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज ने बाद में एक पॉडकास्ट में घटना के संदर्भ में आत्मरक्षा का दावा किया था। वहीं, दिल्ली पुलिस की शुरुआती जानकारी में संजय कुमार को लगी चोटों को साधारण प्रकृति का बताया गया था और स्टील के कड़े से चोट लगने की बात कही गई थी।
कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन, अब विरोध भी
इस मामले में CJP कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने मामले में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की मांग भी उठाई थी। दूसरी ओर, शनिवार को इसी मामले के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के भी संसद मार्ग थाने के बाहर जुटने की खबर है। एक ही मामले को लेकर आमने-सामने प्रदर्शन होने से पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती बन गया है।
अब जांच पर टिकी नजर
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कई सवालों के जवाब तलाशने की चुनौती है, प्रदर्शन के दौरान वास्तव में क्या हुआ, चोट कैसे लगी और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की पूरी सच्चाई क्या है। पुलिस की जांच और अदालत में आगे होने वाली सुनवाई से ही मामले की तस्वीर और साफ होगी।
दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि संजय कुमार को हुई चोटें 'साधारण' प्रकृति की थीं और स्टील के कंगन से लगी थीं। सीजेपी ने शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बता दें कि CJP ने हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी एक्ट के प्रावधान जोड़ने की भी मांग की थी। हालांकि, इसके विरोध में शनिवार को संसद मार्ग थाने पर हिंदूवादी संगठन भी प्रदर्शन कर रहे हैं।