
अंबिकापुर। सरगुजा के अंबिकापुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रैगिंग का कथित मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने रैगिंग के दौरान 11वीं के दो छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की और लोहे के कड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गए। घटना के बाद परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
देर रात हॉस्टल में हुआ कथित हमला
मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय का है। शिकायत के मुताबिक, 3 सितंबर की रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच हॉस्टल में रैगिंग के दौरान 11वीं कक्षा के दो छात्रों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने लोहे के कड़े से उनके सिर पर वार किया, जिससे दोनों छात्र लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में मौजूद अन्य छात्रों के बीच भी दहशत का माहौल बन गया। मामला सामने आने के बाद पीड़ित छात्रों के परिवारों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
परिजनों को सूचना नहीं देने का आरोप
पीड़ित छात्रों के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन ने उन्हें तत्काल जानकारी नहीं दी। घायल छात्र प्रशांत के पिता अजय कुमार मार्को के मुताबिक, उनके बेटे ने फोन पर खुद घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार को पता चला कि हॉस्टल में सीनियर छात्रों ने कथित तौर पर रैगिंग के नाम पर उसके साथ मारपीट की है। परिजनों ने हॉस्टल अधीक्षक और प्राचार्य पर घटना की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
4 नाबालिगों के खिलाफ पुलिस केस
मामले की शिकायत गांधीनगर थाने में पहुंचने के बाद पुलिस ने चार नाबालिग छात्रों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रयास आवासीय विद्यालय जैसे संस्थान में छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन पर होती है। ऐसे में हॉस्टल के भीतर रैगिंग के दौरान कथित तौर पर छात्रों के घायल होने और फिर परिजनों को सूचना नहीं मिलने के आरोप ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं और इसमें कौन-कौन शामिल था। वहीं, परिजन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।