
रायपुर। राजधानी में सोशल मीडिया से जुड़ा एक मामला अब सियासी और कानूनी विवाद में बदल गया है। चर्चित यूट्यूबर सोमा देवांगन को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ रायपुर महापौर को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
महापौर को लेकर वीडियो पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जांच शुरू की गई थी। आरोप है कि वीडियो में महापौर के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सोमा देवांगन को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों और उसकी सामग्री को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले बीजेपी ने उठाई थी गिरफ्तारी की मांग
मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज रही। बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमा देवांगन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से गिरफ्तारी की मांग की थी। उनका आरोप था कि महापौर के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर राजनीतिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई ने मामले को और तूल दे दिया।
गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस का थाने में प्रदर्शन
सोमा देवांगन की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर धरना देकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान थाने के आसपास राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बढ़ने से पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ी।
सोशल मीडिया पोस्ट से सियासी टकराव तक पहुंचा मामला
रायपुर में शुरू हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विरोध, तीनों से जुड़ गया है। एक ओर पुलिस आपत्तिजनक वीडियो के प्रसारण को लेकर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस गिरफ्तारी का विरोध कर रही है। बीजेपी पहले ही मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर चुकी है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस की जांच में वीडियो को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और अदालत में मामले की आगे की दिशा क्या रहती है।