
बिलासपुर : बिलासपुर जिले के शिक्षा विभाग में एक बार फिर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की कुर्सी को लेकर हलचल तेज हो गई है। जिले के प्रभारी डीईओ अजय कौशिक आज शाम रिटायर हो रहे हैं। उनके रिटायरमेंट के साथ ही बिलासपुर डीईओ का पद एक बार फिर खाली हो जाएगा। ऐसे में अब देखना होगा कि स्कूल शिक्षा विभाग इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी किस अधिकारी को सौंपता है।
दरअसल, बिलासपुर में डीईओ की नियुक्ति को लेकर पहले ही विवाद सामने आ चुका है। प्राचार्य फोरम ने डीईओ की नियुक्ति को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद तत्कालीन डीईओ रामेश्वर जायसवाल को पद से हटा दिया गया था।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अजय कौशिक को मिली थी जिम्मेदारी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने बिलासपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए अजय कौशिक को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद से वे प्रभारी डीईओ के रूप में विभागीय कामकाज संभाल रहे थे। अब अजय कौशिक के सेवानिवृत्त होने से विभाग के सामने एक बार फिर डीईओ की जिम्मेदारी तय करने की चुनौती खड़ी हो गई है। खास बात यह है कि बिलासपुर डीईओ का पद ऐसे समय खाली हो रहा है, जब पहले की नियुक्ति को लेकर न्यायालय तक मामला पहुंच चुका है। ऐसे में नई व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
फिर कौन संभालेगा डीईओ का प्रभार?
अजय कौशिक के रिटायरमेंट के बाद बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग के मुखिया की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, इसे लेकर विभागीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विभाग के सामने अब दो विकल्प हो सकते हैं, या तो किसी वरिष्ठ अधिकारी को प्रभारी डीईओ की जिम्मेदारी दी जाए या फिर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। जिले में डीईओ का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जिले के सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक मामले, विभागीय योजनाओं की निगरानी और स्कूलों की व्यवस्था समेत कई अहम जिम्मेदारियां डीईओ के स्तर से संचालित होती हैं। ऐसे में लंबे समय तक पद खाली रहना विभागीय कामकाज के दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जाएगा।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद विभाग की अगली चाल पर नजर
डीईओ की पिछली नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में मामला जाने और विभागीय आदेश रद्द होने के बाद अब नई नियुक्ति को लेकर भी शिक्षा विभाग को बेहद सावधानी बरतनी होगी। अजय कौशिक के रिटायरमेंट के बाद अब विभाग किस अधिकारी को जिम्मेदारी देता है और क्या नियमित डीईओ की नियुक्ति होती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
फिलहाल, आज शाम अजय कौशिक के सेवानिवृत्त होते ही बिलासपुर डीईओ की कुर्सी खाली हो जाएगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदले समीकरण और अब प्रभारी डीईओ की सेवानिवृत्ति ने शिक्षा विभाग में एक बार फिर नई नियुक्ति को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है।