
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अचानक एक बड़ा भूचाल आ गया है। राज्य के बहुचर्चित शराब, 540 करोड़ के कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड माने जाने वाले कांग्रेस नेता राम अवतार अग्रवाल को EOW ने हिरासत में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के गुट में बेचैनी बढ़ा दी है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय जगत विजन ने आज ही इस पूरे मामले को लेकर एक खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के छपने के कुछ ही घंटों बाद इतना बड़ा घटनाक्रम सामने आ गया, जिसने राजनीतिक गलियारों का तापमान अचानक बढ़ा दिया है।
वकील की 4 लाइनों की पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस
इस गिरफ्तारी के बीच अधिवक्ता नरेशचंद्र गुप्ता की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट ने मामले को और भी गरमा दिया है। उनकी पोस्ट ने सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में हलचल मचा दी है। उन्होंने लिखा- *"अब 10 जनपथ का चिट्ठा खुलने वाला है। ATM संकट में और पूर्णतः फेल। बैंक/बैंकर सब कुछ उगलेगा। एजेंसी को बधाई।"*
क्या राम अवतार ही हैं वो 'बैंकर'?
जैसे ही राम अवतार अग्रवाल ईओडब्ल्यू के हत्थे चढ़े, राजनीतिक जानकारों ने वकील गुप्ता की पोस्ट के मायने निकालने शुरू कर दिए। पोस्ट में जिस 'एटीएम' के फेल होने और 'बैंकर' के सब कुछ उगलने की बात कही गई है, उसे राम अवतार अग्रवाल की गिरफ्तारी के नजरिए से देखा जा रहा है।
राम अवतार कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष और नान के अध्यक्ष रह चुके हैं। पिछले तीन साल से वे फरार चल रहे थे। अब माना जा रहा है कि एजेंसी के सामने वे पर्दे के पीछे चल रहे कई राज खोलने वाले हैं। नरेश चंद्र गुप्ता ने जिस तरह दिल्ली के 10 जनपथ की तरफ इशारा किया है, उसने इस बात का सस्पेंस और गहरा कर दिया है कि क्या सच में 540 करोड़ के कोल लेवी घोटाले की आंच दिल्ली दरबार तक पहुंचने वाली है।
बेटे से पूछताछ, फिर पिता पहुंचे ईओडब्ल्यू
मंगलवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने राम अवतार अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को बुलाकर लंबी पूछताछ की थी। बेटे से पूछताछ के बाद ही तीन साल से गायब चल रहे राम अवतार खुद EOW दफ्तर पहुंचे, जहां उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया। ईडी और ईओडब्ल्यू लंबे समय से उनकी तलाश कर रहे थे।
127 करोड़ का कस्टम मिलिंग घोटाला भी गले की फांस
कोल लेवी के अलावा इन पर कस्टम मिलिंग घोटाले का भी आरोप है। यह पूरा मामला 2015 से 2023 के बीच का है। धान की मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को जो प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, उसमें जमकर नियमों की अनदेखी हुई। अपने चहेते राइस मिलर्स को फायदा पहुंचाने के लिए अनुचित लाभ दिया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 127 करोड़ रुपए का गोलमाल हुआ है।
फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। लेकिन अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राम अवतार अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद वह कौन सा नया राज बाहर आता है, जिसकी गूंज दिल्ली के 10 जनपथ तक सुनाई देगी।