फतेहगढ़: फतेहगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई ने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानपुर मंडल की विजिलेंस टीम ने जिला खनन अधिकारी और उनके एक सहयोगी को कथित तौर पर 24 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद खनन विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

आरोप है कि मिट्टी खनन की अनुमति देने के बदले शिकायतकर्ता से पैसे मांगे जा रहे थे। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और कथित रिश्वत की रकम सौंपे जाने के दौरान कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता पहले भी कई बार अनुमति प्रक्रिया से गुजर चुका था और आगे की स्वीकृतियों के लिए उससे अतिरिक्त धन की मांग की जा रही थी।

विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर जिला खनन अधिकारी और उनके सहयोगी को हिरासत में लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सहयोगी की भूमिका कथित तौर पर रकम के लेन-देन में अहम बताई जा रही है। इस कार्रवाई ने उन आरोपों को भी हवा दे दी है, जिनमें सरकारी अनुमतियों और विभागीय प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं।

फिलहाल, दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि आम नागरिकों को सरकारी अनुमति और सेवाएं पाने के लिए आखिर कब तक भ्रष्टाचार के जाल से जूझना पड़ेगा, और विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दावे जमीन पर कितने प्रभावी हैं।