बेंगलुरु। कर्नाटक में कथित ISIS भर्ती और कट्टरपंथीकरण नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है, जो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, ED ने करीब आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच उन पांच आरोपियों से जुड़ी है, जिनके खिलाफ NIA पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि ये लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के लिए युवाओं की भर्ती करने और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर मोड़ने की साजिश में शामिल थे।

वर्कशॉप और स्टडी सर्कल के जरिए चल रहा था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर 'इकरा कैंप' नामक मुस्लिम पर्सनैलिटी डेवलपमेंट वर्कशॉप और उससे जुड़े 'कुरान सर्कल' नाम के साप्ताहिक स्टडी ग्रुप का इस्तेमाल युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए करते थे। एजेंसियों का आरोप है कि इन मंचों के माध्यम से युवाओं को धार्मिक कट्टरपंथ की ओर प्रेरित किया जाता था और बाद में उन्हें ISIS की विचारधारा से जोड़ने की कोशिश की जाती थी।

तुर्की के रास्ते सीरिया भेजने का आरोप
ED के अनुसार, आरोपियों ने विभिन्न स्रोतों से धन एकत्र कर कुछ युवाओं की विदेश यात्रा की व्यवस्था की। जांच में दावा किया गया है कि उन्हें तुर्की के रास्ते सीरिया भेजकर ISIS में शामिल कराने और वहां सक्रिय आतंकी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। एजेंसी अब इस फंडिंग नेटवर्क, बैंक लेन-देन और धन के स्रोतों की विस्तृत जांच कर रही है।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाते थे कट्टरपंथी विचारधारा
जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी सुरक्षित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग माध्यमों का उपयोग कर ISIS से जुड़ी सामग्री साझा करते थे। साथ ही, कथित तौर पर CAA और NRC विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्पन्न माहौल का फायदा उठाकर कुछ लोगों को भड़काने और धार्मिक आधार पर कट्टरपंथी सोच फैलाने की कोशिश की गई।

PMLA के तहत जारी है जांच
प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आतंकी गतिविधियों के लिए धन कहां से आया, उसका इस्तेमाल कैसे किया गया और इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।