रायपुर: Raipur में चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस ने एक संगठित और शातिर ‘लेडी गैंग’ का भंडाफोड़ किया है, जो लग्जरी कार में घूमकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में वारदात को अंजाम देती थी। मामला तब सामने आया जब चंगोराभाठा बाजार में एक बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन पलभर में गायब हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और एंटी क्राइम यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस हाई-प्रोफाइल गिरोह तक पहुंच बनाई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के आसपास मंडराती नजर आईं। फुटेज में साफ दिखा कि कैसे भीड़ का फायदा उठाकर चेन को बड़ी सफाई से निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और उनके मूवमेंट को ट्रैक करना शुरू किया।

तफ्तीश में खुलासा हुआ कि गिरोह एक चारपहिया वाहन, विशेषकर इनोवा कार का इस्तेमाल करता था। आरोपी पहले भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों की रेकी करते, फिर मौके पर वारदात कर तुरंत फरार हो जाते थे। यह गैंग अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देता था, जिससे इसकी कार्यशैली बेहद पेशेवर मानी जा रही है।

पुलिस को जब आरोपियों की लोकेशन भाठागांव बस स्टैंड के पास मिली, तो 15 सदस्यीय टीम ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ लिया। कार में सवार 7 महिलाएं और 1 पुरुष शुरू में पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने रायपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों सहित अन्य राज्यों में एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के निवासी शामिल हैं, जो लंबे समय से इस अवैध नेटवर्क को चला रहे थे। पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।