
बिलासपुर। जिले के मल्हार स्थित एक शासकीय स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने अब सीधे प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्कूल के प्राचार्य सहित कुछ शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत दर्ज कराई। विद्यार्थियों ने कलेक्टर के नाम लिखित आवेदन सौंपते हुए स्कूल में पढ़ाई के माहौल और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
कागज नहीं मिला तो कॉपी के पन्ने पर लिखी शिकायत
विद्यार्थियों का कहना है कि शिकायत लिखने के लिए उनके पास सादा कागज तक उपलब्ध नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपनी कॉपी के पन्ने निकालकर उस पर अपनी समस्याएं लिखीं और प्रशासन तक पहुंचाईं। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से सामने आ रही परेशानियों के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंता है। इसी वजह से उन्होंने स्कूल स्तर पर समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी।
प्राचार्य और शिक्षकों के व्यवहार पर सवाल
छात्र-छात्राओं ने शिकायत में प्राचार्य और कुछ शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई है। विद्यार्थियों का आरोप है कि उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता है और गाली-गलौज भी की जाती है। छात्रों के अनुसार, ऐसे माहौल में उन्हें पढ़ाई करने में परेशानी होती है और स्कूल में भय का वातावरण महसूस होता है।

संस्कृत की पढ़ाई को लेकर छात्रों ने लगाए आरोप
शिकायत में संस्कृत विषय की पढ़ाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि संबंधित शिक्षक को संस्कृत विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक कई बार कक्षा के दौरान सो जाते हैं। विद्यार्थियों के मुताबिक, यदि नियमित और प्रभावी तरीके से पढ़ाई नहीं होगी तो इसका सीधा असर उनकी परीक्षा की तैयारी और शैक्षणिक प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
सरकारी स्कूल में अतिरिक्त फीस लेने का दावा
छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर फीस को लेकर भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनसे निर्धारित राशि से अधिक, कथित तौर पर दोगुनी फीस ली जा रही है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से इस मामले की भी जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्कूल में किस मद में और कितनी फीस ली जा रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत में स्कूल की व्यवस्थाओं, शिक्षकों के व्यवहार, पढ़ाई की स्थिति और फीस से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल, छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की जांच के बाद ही शिकायत में किए गए दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।