नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार ऐसी घटनाओं पर पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है।

आज संसद भवन के लाइब्रेरी बिल्डिंग स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार कानूनी और तकनीकी दोनों स्तरों पर लगातार सुधार कर रही है।

'पेपर लीक रोकना राष्ट्रीय जिम्मेदारी'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए केंद्र सरकार ऐसे स्थायी और मजबूत तंत्र पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा में ईमानदारी बनाए रखना देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है और इस पर सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी परीक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जिस पर हर छात्र और अभिभावक भरोसा कर सके। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही को और मजबूत बनाया जा रहा है।modi (45)

युवाओं को दिया भरोसा
प्रधानमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कठोर सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

NDA बैठक में पीएम मोदी का सम्मान
'मंगल मिलन' बैठक का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में किया गया। बैठक में एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने प्रधानमंत्री के सम्मान में बधाई प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया। साथ ही राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत भी किया गया।

पहली संसदीय बैठक को लेकर सांसदों में उत्साह
बैठक में पहली बार शामिल हुए भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व से मार्गदर्शन प्राप्त करना उनके लिए प्रेरणादायक अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि बैठक में देश के विकास, संसद की कार्यशैली और जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर दिशा-निर्देश मिलेंगे।NDA की बैठक में भाजपा नेताओं के साथ पीएम मोदी(फोटो: पीटीआई )

एनसीपीआई बैठक से रही दूर
इस बीच हाल ही में गठित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) संसदीय दल एनडीए की संयुक्त बैठक में शामिल नहीं हुआ। बताया गया कि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से अब तक इस नए संसदीय समूह को औपचारिक मान्यता नहीं मिलने के कारण उसके सदस्य बैठक से दूर रहे। हालांकि, एनसीपीआई के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि उनका समूह एनडीए सरकार को समर्थन देता रहेगा और संसद में सभी महत्वपूर्ण चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल से जुड़े स्थानीय मुद्दों को राज्य स्तर पर ही उठाया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर उनका दल संसद में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।