
नागपुर: NEET UG 2026 री-एग्जाम से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र के रूप में हजारों किलोमीटर दूर अबू धाबी (UAE) अलॉट होने की घटना ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले सामने आई इस चूक ने एजेंसी की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्र ने केंद्र चयन के दौरान नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे स्थानीय शहरों को प्राथमिकता दी थी, लेकिन एडमिट कार्ड में विदेश का परीक्षा केंद्र देखकर परिवार हैरान रह गया। परिजनों का कहना है कि छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है, ऐसे में विदेश जाकर परीक्षा देना संभव ही नहीं था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी NTA की व्यवस्थाओं को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
मामला सामने आने के बाद NTA ने इसे तकनीकी खामी बताते हुए गलती स्वीकार कर ली है और संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया है। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से ऐसी गंभीर चूक आखिर कैसे हो गई। परीक्षा से ठीक पहले हुई इस गलती ने कई छात्रों के बीच भ्रम और मानसिक तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
21 जून को होने वाली री-परीक्षा से पहले यह मामला NTA की साख पर एक और सवाल बनकर खड़ा हो गया है। लगातार परीक्षा प्रबंधन और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर उठ रहे विवादों के बीच अब अभ्यर्थियों की मांग है कि ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाए, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम न जुड़ सके।