Jagdalpur/हैदराबाद। दक्षिण बस्तर में सक्रिय नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए पीएलजीए का शीर्ष कमांडर सोढी केशा अपने 42 साथियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुका है। South Bastar में सक्रिय इस बटालियन को नक्सलियों की आखिरी मजबूत टुकड़ी माना जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हिड़मा के एनकाउंटर और अन्य बड़े सरेंडर के बाद यह समूह संगठन की अंतिम सक्रिय शक्ति के रूप में बचा हुआ था।

लंबे समय तक कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों को अपना ठिकाना बनाए रखने वाले इन नक्सलियों ने सरेंडर के दौरान भारी मात्रा में हथियार भी जमा किए हैं। इनमें AK-47, SLR, INSAS राइफल, BGL और रिवॉल्वर जैसे घातक हथियार शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल पहले सुरक्षा बलों पर हमलों में किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह सरेंडर नक्सलियों के मनोबल में गिरावट और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव का परिणाम है।

सोढी केशा को People's Liberation Guerrilla Army (PLGA) का बड़ा कमांडर माना जाता है और उसके साथ डिवीजनल व एरिया कमेटी स्तर के कई लीडर्स का आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा झटका है। इस घटनाक्रम के बाद दक्षिण बस्तर में नक्सल प्रभाव लगभग समाप्त होने की ओर माना जा रहा है, जिसे सुरक्षा बलों की एक बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।