नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकवादी और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद को सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नामजद किया है। आज जम्मू स्थित NIA की विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में हाफिज सईद की कथित भूमिका, पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क और सीमा पार रची गई साजिश का विस्तार से उल्लेख किया गया है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हाफिज सईद की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

हाफिज सईद पर गंभीर धाराओं के तहत मामला
NIA ने हाफिज सईद को व्यक्तिगत तौर पर आरोपी बनाने के साथ-साथ उसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का प्रमुख बताते हुए चार्जशीट में शामिल किया है। एजेंसी ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। चार्जशीट के अनुसार, उस पर भारत के खिलाफ युद्ध जैसी गतिविधियों की साजिश रचने, सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने, आतंकी हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम तक पहुंचाने में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं।

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में क्या है खास?
NIA की ओर से दाखिल यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट पहले पेश की गई 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार है। इसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क, हमले की साजिश, आतंकियों के बीच समन्वय, डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य, फोरेंसिक जांच तथा घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है। एजेंसी का दावा है कि वैज्ञानिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि हमले की साजिश सीमा पार से रची गई थी और इसका संचालन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के नेटवर्क के जरिए किया गया।

पहले भी दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
इससे पहले 15 दिसंबर 2025 को NIA ने इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उसमें पाकिस्तान स्थित हैंडलर आतंकी साजिद जट्ट, जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीन आतंकियों तथा दो गिरफ्तार आरोपियों को नामजद किया गया था। साथ ही, लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रॉक्सी संगठन TRF को भी हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के लिए आरोपी बनाया गया था। अब सप्लीमेंट्री चार्जशीट के माध्यम से एजेंसी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हाफिज सईद की कथित भूमिका को भी औपचारिक रूप से अदालत के सामने रखा है।

22 अप्रैल 2025 को हुआ था भीषण आतंकी हमला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए धर्म के आधार पर लक्षित हत्याएं (Targeted Killings) की थीं। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी एवं जांच अभियान शुरू किया।

NIA कर रही है पूरे नेटवर्क की जांच
हमले के बाद सबसे पहले अनंतनाग जिले के पहलगाम पुलिस थाने में एफआईआर (संख्या 25/2025) दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच NIA को सौंप दी। वर्तमान में एजेंसी RC-02/2025/NIA/JMU के तहत मामले की जांच कर रही है। NIA का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की पहचान करना नहीं, बल्कि सीमा पार बैठे उन मास्टरमाइंड, फंडिंग नेटवर्क, हैंडलरों और संगठनों की पूरी भूमिका उजागर करना भी है, जिन्होंने इस हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाने में सहयोग किया।