
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवजात बच्ची की मौत के बाद एक्सपायरी मिल्क पाउडर बेचने के आरोपों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का दावा है कि उन्होंने मेकाहारा चौक के पास स्थित एक निजी मेडिकल स्टोर से मिल्क पाउडर खरीदा था। उसी पाउडर से तैयार दूध पिलाने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की शिकायत मौदहापारा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग से भी पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। पुलिस का कहना है कि नवजात की मौत का वास्तविक कारण जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जुड़वा बच्चियों के जन्म के बाद खरीदा गया था मिल्क पाउडर
पुलिस के अनुसार, चंद्रशेखर कन्नोजे की पत्नी डागेश्वरी कन्नोजे ने 29 जून को जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि मां का दूध पर्याप्त मात्रा में नहीं उतरने पर डॉक्टर ने शिशुओं के लिए मिल्क पाउडर देने की सलाह दी। इसके बाद 30 जून को चंद्रशेखर ने मेकाहारा गेट के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर से मिल्क पाउडर का डिब्बा खरीदा। परिजनों के मुताबिक, दोनों नवजातों में से एक बच्ची को उसी पाउडर से तैयार दूध पिलाया गया। आरोप है कि 4 जुलाई को बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया। दो दिन तक इलाज चलने के बाद बच्ची की मौत हो गई।
डॉक्टर ने एक्सपायरी डेट की ओर ध्यान दिलाने का लगाया आरोप
परिजनों का दावा है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मिल्क पाउडर के डिब्बे पर अंकित एक्सपायरी डेट देखी और उन्हें बताया कि उत्पाद की वैधता समाप्त हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद उन्हें संदेह हुआ कि बच्ची की तबीयत खराब होने का संबंध एक्सपायरी मिल्क पाउडर से हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक स्वास्थ्य विभाग या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम सहित अन्य चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
मेडिकल स्टोर पर डिब्बा छीनने का आरोप
परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वे मेडिकल स्टोर पहुंचे और एक्सपायरी मिल्क पाउडर को लेकर आपत्ति जताई, तो स्टोर संचालक और कर्मचारियों ने उनके हाथ से पुराना डिब्बा ले लिया। उनका कहना है कि उसकी जगह दूसरा डिब्बा दे दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इससे मूल उत्पाद के साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। इन आरोपों की भी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। मेडिकल स्टोर की ओर से इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के दिए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त दीपक मिश्रा ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी कर दुकान के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा सके। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय को भी पूरे मामले की जांच के लिए पत्र भेजा गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है और उपलब्ध दस्तावेजों, बिल, उत्पाद की जानकारी तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय राय, मिल्क पाउडर की गुणवत्ता की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत का वास्तविक कारण क्या था। यदि जांच में एक्सपायरी उत्पाद बेचने, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।