नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दर्ज जीरो एफआईआर पर दिल्ली पुलिस ने आगे कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है। मामला नोएडा में दर्ज होने के बाद जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित किया गया था। इस घटनाक्रम के बाद नाबालिग द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का वीडियो भी सामने आया था, जिसने इस मामले को नई दिशा दी।

क्या है पूरा मामला?
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करती दिखाई दी। वीडियो वायरल होने के बाद नोएडा में शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई। बाद में जांच के लिए मामला दिल्ली पुलिस को भेजा गया।

दिल्ली पुलिस ने आगे कार्रवाई नहीं करने का लिया निर्णय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले की समीक्षा के बाद दिल्ली पुलिस ने इस एफआईआर पर आगे दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस निर्णय को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।

नाबालिग ने जारी किया था माफी का वीडियो
विवाद बढ़ने के बाद संबंधित नाबालिग ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर खेद व्यक्त किया। वीडियो में उसने कहा कि उससे गलती हुई और वह अपने शब्दों के लिए माफी मांगती है। उसने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की बात भी कही।

प्रधानमंत्री की अपील भी रही चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि भटके हुए बच्चों को सही मार्गदर्शन देना जरूरी है और समाज को उन्हें सुधारने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस संदेश को व्यापक रूप से साझा किया गया।

परिवार ने जताया आभार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कानूनी राहत मिलने के बाद नाबालिग की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।