
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर है। अब उचित मूल्य की दुकानों से राशन लेने के नियम बदल गए हैं। केंद्र सरकार के नए निर्देश के बाद अब राशन वितरण में मोबाइल OTP की व्यवस्था लगभग खत्म कर दी गई है। यानी अब ज्यादातर हितग्राहियों को केवल बायोमेट्रिक सत्यापन यानी अंगूठा या फिंगरप्रिंट लगाकर ही राशन मिलेगा। सरकार का दावा है कि इस फैसले से फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर लगाम लगेगी।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के निर्देश के बाद प्रदेशभर की राशन दुकानों को साफ आदेश दे दिए गए हैं कि OTP के जरिए खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाएगा। सिर्फ विशेष परिस्थितियों में ही इसकी अनुमति होगी। ऐसे बुजुर्ग जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, छोटे बच्चे, दिव्यांग या ऐसे हितग्राही जिनका बायोमेट्रिक बार-बार फेल हो रहा है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति के बाद OTP के माध्यम से राशन दिया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि OTP आधारित वितरण में गड़बड़ियों की संभावना अधिक है। इसी वजह से अब बायोमेट्रिक सिस्टम को अनिवार्य बनाया गया है। नए नियम के तहत यदि किसी हितग्राही का फिंगरप्रिंट काम नहीं करता है, तो दुकान संचालक को इसकी सूचना खाद्य निरीक्षक और तकनीकी टीम को देनी होगी।
इस बीच खाद्य विभाग ने भी सख्त संदेश दिया है कि यदि कोई राशन दुकान संचालक नियमों की अनदेखी कर OTP को प्राथमिकता देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने औचक निरीक्षण कर नई व्यवस्था का जायजा भी लिया और हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर फीडबैक लिया।
अब साफ है कि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था प्रदेशभर में पूरी तरह लागू होती नजर आएगी और राशन लेने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और तकनीक आधारित होगी।