
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों के विचरण क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक खबर सामने आई है। छाल रेंज के पुसल्दा गांव स्थित आमामुड़ा तालाब में नहाने के दौरान एक हाथी शावक की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड तालाब में पानी और कीचड़ का आनंद ले रहा था, तभी अफरा-तफरी के बीच एक बड़ा हाथी अनजाने में शावक के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हाथियों की चिंघाड़ गूंजती रही और झुंड देर रात तक तालाब किनारे डटा रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद एक मादा हाथी ने सूंड की मदद से मृत शावक को तालाब से बाहर निकालने की कोशिश की। शावक के शव के आसपास पूरी रात हाथियों का दल मंडराता रहा, जिससे इलाके में भय और संवेदना का माहौल बना हुआ है। रविवार सुबह भी हाथियों का झुंड शव के करीब ही घूमता रहा, जिसके चलते वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं कर सकी। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर लौटने के बाद ही पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
रायगढ़ जिले में लगातार हो रही हाथी शावकों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते पांच महीनों में जिले की अलग-अलग रेंजों में अब तक 8 हाथी शावकों की मौत दर्ज की जा चुकी है, जिसे वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता मानव-हाथी संघर्ष, प्राकृतिक आवासों पर दबाव और झुंडों की असुरक्षित आवाजाही इन घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।