
Raipur Ganesh Visarjan 2026: राजधानी रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर निगम ने तैयारियों की कमान संभाल ली है। अनंत चतुर्दशी के मद्देनजर महादेव घाट पर विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी। इस बार खारून नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन नहीं होगा। पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की जा रही है। रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों को सुरक्षा, सफाई, यातायात, चिकित्सा और जरूरी सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
खारून नदी में नहीं होगा सीधा विसर्जन, विसर्जन कुंड में होगी व्यवस्था
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी में सीधे नहीं किया जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रतिमाओं को नदी किनारे निर्धारित विसर्जन कुंड में विसर्जित किया जाएगा। विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को प्रतिमाओं से अलग कर उचित स्थान पर रखा जाएगा, ताकि नदी के जल को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय किया जाएगा। सड़क पर यातायात बाधित करने वाले गणेश पंडालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महादेव घाट पर प्रशासनिक समिति, अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
गणेश विसर्जन के दौरान महादेव घाट पर व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नगर निगम ने विशेष प्रशासनिक समिति गठित की है। समिति का नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय को बनाया गया है।
समिति में अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर और इमरान खान, नगर निवेशक आभास मिश्रा, जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल, जोन 5 कमिश्नर खीरसागर नायक और उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव बाबरा को शामिल किया गया है। समिति क्रेन, शामियाना, प्रकाश व्यवस्था, माइक, गोताखोरों और चिकित्सा सुविधाओं सहित आवश्यक इंतजामों की जिम्मेदारी संभालेगी।
क्रेन, गोताखोर, मोटर बोट और मेडिकल टीम रहेगी तैनात
विसर्जन कुंड पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए क्रेन, मंच, कंट्रोल रूम, टॉर्च, मोटर बोट, मजबूत रस्से, गोताखोर, लॉन्ग बूट, रेनकोट और बड़े छातों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जोन 8 कमिश्नर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था के लिए होमगार्ड विभाग से समन्वय किया जाएगा।
वहीं, लाखे नगर चौक पर सर्च लाइट, पंडाल, मंच, माइक और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र, एंबुलेंस, चिकित्सा शिविर, डॉक्टरों की टीम और आवश्यक दवाइयों का इंतजाम भी किया जाएगा।
25 सितंबर से विसर्जन के लिए उपलब्ध होंगे वाहन
नगर निगम ने 25 सितंबर, अनंत चतुर्दशी से विसर्जन कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और 709 वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन वाहनों को तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब और लाखे नगर चौक में तैनात किया जाएगा। वाहन चालकों और ईंधन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आयुक्त ने तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब और शहर के अन्य तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन रोकने के निर्देश भी दिए हैं। छोटे आकार की प्रतिमाओं के लिए नगर के तालाबों के किनारे अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे।
विसर्जन मार्ग पर रोशनी, बिजली और पेयजल की सुविधा
महादेव घाट तक जाने वाले विसर्जन मार्ग और रिंग रोड पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। विसर्जन स्थल पर बिजली बाधित न हो, इसके लिए जनरेटर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विसर्जन मार्ग और कुंड स्थल पर पेयजल टैंकर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा महादेव घाट पर प्रतिमाओं के ससम्मान पूजन के लिए संस्कृत कॉलेज से 10 पंडितों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
जर्जर भवनों का सर्वे, सड़कों की मरम्मत और सफाई पर जोर
गणेश विसर्जन मार्ग पर स्थित जर्जर भवनों का सर्वे कर संबंधित मकान मालिकों को भवन दुरुस्त कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। निगम ने विसर्जन रूट और लिंक मार्गों पर गड्ढों की मरम्मत, पेचवर्क, निर्माण सामग्री हटाने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
इसके साथ ही शहर में आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस में रखने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि विसर्जन के दौरान यातायात बाधित न हो। विसर्जन स्थल पर निगम कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण पर निगम का फोकस
गणेश विसर्जन को व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रायपुर नगर निगम ने अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अब इन निर्देशों के तहत विसर्जन स्थल और पूरे रूट पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी है।