
छत्तीसगढ़ की सियासत में 15 नवंबर को बड़ा राजनीतिक आयोजन होने जा रहा है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर भारतीय जनता पार्टी जनजातीय गौरव दिवस मनाएगी। रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र धरमजयगढ़ में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। उनके आगमन को लेकर भाजपा संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
धरमजयगढ़ में होगा भाजपा का मुख्य समारोह
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भाजपा ने भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी का मुख्य समारोह रायगढ़ जिले के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र धरमजयगढ़ में आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों के योगदान को याद करेगी। भगवान बिरसा मुंडा को जनजातीय समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना जगाने का काम किया था।
भाजपा इस आयोजन को जनजातीय समाज के बीच अपनी पहुंच और संवाद को मजबूत करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में भी देख रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का पहला छत्तीसगढ़ दौरा
धरमजयगढ़ में आयोजित होने वाले इस समारोह की सबसे बड़ी राजनीतिक विशेषता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर वे इस कार्यक्रम में शामिल होने छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ प्रवास होगा। ऐसे में उनके दौरे को प्रदेश भाजपा संगठन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उनके स्वागत को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
नितिन नवीन की मौजूदगी से जनजातीय गौरव दिवस का यह आयोजन राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। खासकर रायगढ़ और आसपास के आदिवासी बहुल इलाकों में इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा की तैयारियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
तैयारियों का जायजा लेने 11 नवंबर को आएंगी स्मृति ईरानी
समारोह को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए भाजपा संगठन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और आयोजन स्थल का निरीक्षण करने के लिए भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी 11 नवंबर को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, स्मृति ईरानी सीधे धरमजयगढ़ पहुंचकर आयोजन स्थल का जायजा लेंगी। इस दौरान वे कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगी। उनका दौरा इस बात का संकेत है कि पार्टी इस आयोजन को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में जुटी है।
भाजपा प्रदेश संगठन की कोशिश है कि जनजातीय गौरव दिवस का यह समारोह अधिक से अधिक जनभागीदारी वाला बने और इसमें जनजातीय समाज की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो।
2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति से भी जुड़ा आयोजन
गौरतलब है कि इससे पहले स्मृति ईरानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और सांसदों के साथ बैठक कर चुकी हैं। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव 2028 की रणनीति और संगठन को मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई थी।
ऐसे में धरमजयगढ़ में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की सक्रियता को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज की राजनीतिक और सामाजिक भूमिका काफी अहम है। राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में जनजातीय मतदाता चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में भाजपा का जनजातीय गौरव दिवस पर धरमजयगढ़ में बड़ा आयोजन करना राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल सभी की नजरें 11 नवंबर को स्मृति ईरानी के दौरे और 15 नवंबर को होने वाले मुख्य समारोह पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि इस आयोजन के जरिए भाजपा जनजातीय समाज के बीच अपने संगठनात्मक और राजनीतिक आधार को कितना मजबूत कर पाती है।