बहादुरगढ़। हरियाणा के बहादुरगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के ब्रांच मैनेजर को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फैक्ट्री हादसे में दिव्यांग हुए एक कर्मचारी को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। कार्रवाई के बाद ESIC कार्यालय में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से भिवानी जिले का निवासी है और वर्तमान में बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 में रह रहा था। वह पिछले करीब दो वर्षों से बहादुरगढ़ स्थित ESIC कार्यालय में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे आज अदालत में पेश किया गया।

सहायता राशि जारी करने के बदले मांगी रिश्वत
एसीबी भिवानी के टीम प्रभारी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के अनुसार, बहादुरगढ़ के कच्चा बाग क्षेत्र निवासी मंजू ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पति रोहताश एक फैक्ट्री में बिजली कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे और ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हो गए। नियमों के तहत उन्हें करीब 2.40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी थी। आरोप है कि इस राशि को मंजूरी दिलाने के बदले ब्रांच मैनेजर कुलदीप सिंह ने 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोपों का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे शिकायतकर्ता महिला ने आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपी। जैसे ही उसने पैसे लिए, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

दस्तावेज और रिकॉर्ड भी खंगाल रही जांच टीम
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या इस तरह की रिश्वतखोरी के अन्य मामले भी सामने आए हैं। इसके साथ ही कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। एसीबी का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।