रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और अग्निवीरों से जुड़े दो अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने प्रदेश में उर्वरकों (खाद) की समय पर उपलब्धता और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया। वहीं, भारतीय सेना से चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों निर्णय किसानों की जरूरतों और पूर्व सैनिकों के पुनर्वास को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।

खाद की कमी और वितरण पर नजर रखेगी मंत्री समिति
कैबिनेट के फैसले के अनुसार खरीफ और रबी सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करने और वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। समिति में कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त मंत्री सदस्य होंगे, जबकि कृषि उत्पादन आयुक्त इसके संयोजक रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर समिति संबंधित विभागों के अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकेगी तथा सरकार को आवश्यक सुझाव देगी।

अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में मिलेगा 10% आरक्षण
कैबिनेट ने अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए 'छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026' बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

किन्हें मिलेगा आरक्षण का लाभ?
सरकार के अनुसार, इस आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में निर्धारित चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की होगी। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है।

सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का मानना है कि इस फैसले से एक ओर किसानों को खाद वितरण व्यवस्था में राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सेना से लौटने वाले प्रशिक्षित और अनुशासित अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार का कहना है कि इससे पुलिस, वन और जेल विभागों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी.