
नई दिल्ली: World Bank की ताज़ा कमोडिटी मार्केट आउटलुक रिपोर्ट ने सोने की कीमतों को लेकर बड़ा संकेत दिया है, जिसने निवेशकों और ज्वेलरी मार्केट दोनों का ध्यान खींच लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में गोल्ड प्राइस में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जहां कीमतें सालाना आधार पर करीब 37% तक बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, यह तेजी स्थायी नहीं रहने वाली 2027 में कीमतों में लगभग 8.5% तक की गिरावट का अनुमान जताया गया है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना और बढ़ गई है।
इस संभावित तेजी के पीछे प्रमुख कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताएं मानी जा रही हैं। खासकर मध्य पूर्व में संघर्ष और ऊर्जा सप्लाई को लेकर बनी अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर मोड़ दिया है। ऐसे हालात में सोना पारंपरिक रूप से “सेफ हेवन” एसेट के रूप में उभरता है, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों में तेजी आती है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकती हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा तेजी कई अस्थायी कारकों पर निर्भर है। यदि वैश्विक तनाव कम होता है, सप्लाई चेन सामान्य होती है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं महंगाई को नियंत्रित करने में सफल रहती हैं, तो सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी निवेशकों को गोल्ड से दूर कर सकती है, क्योंकि इससे सोना होल्ड करने की लागत बढ़ जाती है और अन्य निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं।
मौजूदा बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में सोने की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। एक्सचेंजों पर गोल्ड फ्यूचर्स में बढ़त दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। कुल मिलाकर, आने वाले दो वर्षों में सोना निवेशकों के लिए बड़े अवसर और जोखिम दोनों लेकर आ सकता है, जहां सही समय पर लिया गया निर्णय ही अधिकतम लाभ दिला सकता है।