
महासमुंद। तीन साल से बदहाल सड़क झेल रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। झलप-बागबाहरा मुख्य मार्ग की दुर्दशा के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और झलप-छिलपावन चौक पर NH-53 में चक्काजाम कर दिया। हाईवे पर अचानक यातायात रुकने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और काफी देर तक आवाजाही प्रभावित रही।
गड्ढों ने बढ़ाई परेशानी, हादसों का भी खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक झलप-बागबाहरा मार्ग लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा जोखिम दोपहिया वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है।
सिर्फ मरम्मत नहीं, स्थायी समाधान चाहिए
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली कोई नई समस्या नहीं है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन ठोस सुधार नहीं हुआ। ग्रामीण अब पैबंद लगाकर काम चलाने के बजाय सड़क का स्थायी समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक सड़क की हालत सुधरने की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है।
हाईवे पर थमी रफ्तार, मौके पर पहुंचा प्रशासन
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश शुरू की। हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। ग्रामीणों का यह प्रदर्शन अब सिर्फ एक सड़क की मरम्मत का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि लंबे समय से अनदेखी किए जा रहे ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि चक्काजाम के बाद जिम्मेदार विभाग सड़क की तस्वीर बदलने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है।