
मेलबर्न। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के पहले ही दिन भारत को निवेश के मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। मेलबर्न में आयोजित इंडिया-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड AustralianSuper ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश करने की घोषणा की है। इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब भारत वैश्विक निवेशकों के लिए तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में प्रमुख स्थान बना चुका है। सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण, हरित ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर दिए जा रहे विशेष जोर के कारण विदेशी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
CEO फोरम में निवेश और व्यापार पर रहा विशेष फोकस
मेलबर्न में आयोजित कार्यक्रम में दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया है। बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक, रक्षा उद्योग, डिजिटल नवाचार और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद आर्थिक सहयोगी भी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की क्षमताओं को मजबूत कर सकती हैं और आने वाले वर्षों में निवेश व व्यापार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
पीएम मोदी ने निवेश का किया स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर AustralianSuper के निवेश निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत की आर्थिक नीतियों, सुधारों और विकास यात्रा पर वैश्विक निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सरकार पारदर्शी नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से विदेशी निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस तरह के निवेश से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
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