नई दिल्ली। देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में बारिश अब राहत के साथ आफत भी बनती दिखाई दे रही है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, गुजरात, केरल और जम्मू-कश्मीर समेत कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं सड़कें पानी में डूब गई हैं, कहीं इमारतें ढहने की घटनाएं सामने आई हैं, तो कहीं भूस्खलन और टनल साइट पर मिट्टी धंसने से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, रेल और हवाई सेवाओं पर असर, बिजली आपूर्ति में बाधा और लोगों के फंसे होने जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं। प्रशासन ने कई जगहों पर राहत-बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है।

पुणे में कचरे का ढेर इमारत पर गिरा, कई लोग मलबे में दबे
महाराष्ट्र के पुणे में भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा सामने आया है। यहां बारिश के कारण एक विशाल कचरे का ढेर पास की तीन मंजिला इमारत पर जा गिरा। हादसे में करीब 16 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई, जिनमें से 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है। लगातार बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी परेशानी आ रही है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है।

दिल्ली में निर्माणाधीन इमारत ढही, एक की मौत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। रोहिणी इलाके में एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे। बारिश के दौरान निर्माणाधीन और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों से कमजोर संरचनाओं और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

सूरत में 358 मिमी बारिश, बाढ़ जैसे हालात
गुजरात का सूरत जिला भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित है। पिछले 24 घंटों में यहां करीब 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। शहर के पोद्दार आर्केड, वराछा और अन्य निचले इलाकों में दुकानों और व्यावसायिक परिसरों के ग्राउंड फ्लोर पानी में डूब गए। लगातार जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने राहत अभियान शुरू किया और निचले क्षेत्रों से 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई जगहों पर पानी की तेज धार के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।

दिल्ली में सीजन की सबसे भारी बारिश, कई इलाके जलमग्न
दिल्ली में बुधवार रात से आज सुबह तक मानसून की जोरदार बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मयूर विहार में 102 मिमी, पूसा में 83 मिमी, लोधी रोड में 80 मिमी और सफदरजंग केंद्र पर 72.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश के बाद सदर बाजार, नासिरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, कुशक रोड और कई अन्य इलाकों में जलभराव हो गया। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और NH-48 पर धौला कुआं व महिपालपुर के पास पानी भरने और कम विजिबिलिटी के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई जगह लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला है।

मुंबई में लोकल ट्रेनें लेट, फ्लाइट्स भी डायवर्ट
मुंबई में कुछ समय की राहत के बाद फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। लगातार बारिश के कारण शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं 25 से 30 मिनट तक देरी से चलती रहीं। इससे दफ्तर जाने वाले यात्रियों और रोजाना सफर करने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली कम से कम 9 उड़ानों को नजदीकी एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, भारी बारिश के बीच एक राहत की खबर भी आई है। मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली प्रमुख झीलों में शामिल विहार झील के बाद तुलसी झील भी ओवरफ्लो होने लगी है, जिससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।