तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर सैन्य तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई के बाद दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, हमलों का असर विशेष रूप से बंदर अब्बास, सीरिक और चाबहार जैसे तटीय क्षेत्रों में देखा गया। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जबकि स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। हालांकि, प्रभावित सैन्य ठिकानों और नागरिक क्षेत्रों में हुए वास्तविक नुकसान को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना नए टकराव की वजह
हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी थी। इसी घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने सुरक्षा और समुद्री व्यापार की रक्षा का हवाला देते हुए जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू की। विश्लेषकों का मानना है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर डाल सकता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।