रायपुर | प्रदेश के सबसे बड़े पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों के स्टॉफ क्वार्टर की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के शिक्षक और कर्मचारी जर्जर मकानों में जीने को मजबूर हैं। किसी मकान के किचन की छत गिर रही है तो किसी की बालकनी टूट रही है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

दरअसल, विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रहने के लिए 62 साल पहले स्टॉफ क्वार्टर बनाए गए थे। पिछले 12 साल से इन मकानों की न तो कोई रिपेयरिंग हुई है और न ही इनमें रंग रोगन किया गया है। अब ये मकान मरम्मत के लायक भी नहीं बचे हैं। छतों और छज्जों में लगा लोहा जंग लगने से गल चुका है। इसकी वजह से सीमेंट और प्लास्टर पर लोहे की पकड़ कमजोर हो चुकी है और कमरों के छत का प्लास्टर गिर रहा है।

बाल-बाल बची 11 साल की बच्ची

कुलसचिव के बंगले से कुछ दूरी पर सी- ब्लॉक है। इस ब्लॉक में 4 क्वार्टर हैं। यहीं के एक क्वार्टर के किचन की छत का प्लास्टर अचानक नीचे गिर गया। जिस वक्त प्लास्टर गिरा, उस समय शिक्षक की 11 साल की बेटी पानी पीने के लिए किचन की तरफ जा रही थी। वह दरवाजे तक पहुंची ही थी कि छज्जे का प्लास्टर गिर गया। पल भर की देरी होती तो बच्ची को चोट लग सकती थी।

सामने ही है कुल सचिव का बंगला, मलबा जस का तस

शिक्षक दोहरे डर में हैं। एक तरफ छत गिरने का डर है तो दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन का। कोई भी इस बारे में खुलकर बोलने के लिए सामने नहीं आ रहा। कुल सचिव के बंगले के ठीक सामने वाले ब्लॉक में एक क्वार्टर की आधी बालकनी गिरी हुई है। इसका मलबा अभी भी जस का तस नीचे पड़ा है। वहीं कुछ दूरी पर एक और मकान की पूरी बालकनी बहुत पहले गिर चुकी है।

वेतन से 10 फीसदी कटता है एचआरए

शिक्षकों का सवाल है कि जब हर महीने उनके वेतन से दस फीसदी राशि एचआरए के रूप में कट जाती है, तो स्टॉफ क्वार्टर की मरम्मत क्यों नहीं की जाती। विवि शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष कमलेश शुक्ला के मुताबिक, पिछले 8 से 10 सालों से प्रशासन को मरम्मत के लिए चि‌ट्ठी लिखी जा रही है। शिक्षकों का डेलीगेशन भी मिल चुका है, लेकिन प्रबंधन उदासीन बना हुआ है।

कन्या स्कूल के कंप्यूटर कक्ष और प्राचार्य कमरे का प्लास्टर भी गिरा

दूसरी तरफ, शहर की पुरानी बस्ती में स्थित नवीन सरस्वती कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल में भी छत का प्लास्टर गिर गया है। रायपुर में हुई भारी बारिश के कारण स्कूल के कंप्यूटर कक्ष और प्राचार्य के कमरे की छत का प्लास्टर गिरा। इससे कई कंप्यूटर क्षतिग्रस्त हो गए। प्राचार्य के लिए अब कोई कक्ष नहीं बचा है। वे कमरे के बाहर टेबल लगाकर स्कूल का संचालन कर रही हैं, जबकि कंप्यूटर कक्ष को बंद रखा गया है।