
हैदराबाद। तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ जांच के दौरान ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर करोड़ों रुपये की कथित बेनामी संपत्ति का पता चला।
जांच एजेंसी का दावा है कि अधिकारी ने अपने सेवा काल में ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति विभिन्न लोगों के नाम पर अर्जित की, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एसीबी ने डीएसपी के हैदराबाद स्थित इब्राहिमबाग आवास सहित उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और कथित बेनामीदारों से जुड़े तेलंगाना और कर्नाटक के कुल 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, निवेश संबंधी रिकॉर्ड, नकदी और आभूषण बरामद किए गए।
एक डायरी ने खोल दिए कई राज
जांच अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान बरामद हुई एक हस्तलिखित डायरी पूरे मामले में अहम साक्ष्य बनकर सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह डायरी कथित तौर पर डीएसपी ने मई महीने में चारधाम यात्रा पर जाने से पहले तैयार की थी। इसमें विभिन्न संपत्तियों, निवेश, देनदारियों और कथित बेनामीदारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अधिकारी ने यात्रा पर रवाना होने से पहले इस डायरी की स्कैन कॉपी अपने दोनों बेटों को व्हाट्सएप के जरिए भी भेजी थी। इसी डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर जांच टीम को कई ऐसी संपत्तियों और निवेशों तक पहुंचने में मदद मिली, जिनकी जानकारी पहले उपलब्ध नहीं थी। अधिकारियों का मानना है कि यह दस्तावेज जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक साबित हुआ।
कई शहरों में फैली संपत्तियों का दावा
एसीबी की कार्रवाई में डीएसपी और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर कई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है। इनमें हैदराबाद के इब्राहिमबाग स्थित एक आलीशान विला, टेलीकॉम नगर का बहुमंजिला मकान, गाचीबौली और मणिकोंडा क्षेत्र में फ्लैट एवं व्यावसायिक परिसरों में हिस्सेदारी शामिल है। इसके अलावा टेल्लापुर, नागोल, पाटनचेरु और विकाराबाद क्षेत्रों में प्लॉट होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, कृषि भूमि के रूप में तेलंगाना और कर्नाटक के विभिन्न जिलों में भी कई एकड़ जमीन के दस्तावेज मिले हैं। बेंगलुरु के देवनहल्ली क्षेत्र में भी भूमि होने का उल्लेख जांच रिकॉर्ड में किया गया है। प्रारंभिक जांच में एक निजी कंपनी में लाखों रुपये के निवेश का भी पता चला है। एजेंसी इन सभी संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की अलग-अलग जांच कर रही है।
नकदी, सोना और बैंक खातों की भी जांच
छापेमारी के दौरान एसीबी ने डीएसपी के आवास से लगभग 3.60 लाख रुपये नकद बरामद किए। वहीं, जांच एजेंसी का दावा है कि एक कथित बेनामीदार के ठिकाने से करीब 40 लाख रुपये नकद भी मिले हैं। इसके अलावा लगभग दो किलोग्राम सोने के आभूषण और करीब 20 किलोग्राम चांदी के सामान भी बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने बैंक खातों की जांच में लगभग 19.91 लाख रुपये की जमा राशि का भी उल्लेख किया है। बरामद संपत्तियों और वित्तीय दस्तावेजों को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित बेनामी संपत्तियों के अधिग्रहण में और किन लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों की खरीद, निवेश के स्रोत और संबंधित व्यक्तियों के बैंक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य, धन के स्रोत तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी। जांच में अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।