
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक मजबूती और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी के प्रदेश प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार दूसरे दिन भी नेताओं के साथ मैराथन बैठकों में जुटे रहे। ऐसे समय में जब पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं, इन बैठकों को संगठन में समन्वय बढ़ाने और चुनावी रणनीति तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में भूपेश बघेल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें कीं। प्रत्येक नेता से व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर संगठन की मौजूदा स्थिति, स्थानीय राजनीतिक समीकरण, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और आगामी चुनावी तैयारियों पर फीडबैक लिया गया। बैठकों का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा।
संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर
सूत्रों के अनुसार, बैठकों में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और विपक्षी दलों के मुकाबले कांग्रेस की रणनीति को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व का फोकस केवल चुनावी तैयारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन में बेहतर तालमेल और सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। दोपहर बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ भी बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने जिला इकाइयों से जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने के सुझाव भी मांगे।
चन्नी और रंधावा बैठक में नहीं पहुंचे
बैठकों के बीच सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की गैरमौजूदगी को लेकर रही। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि दोनों फिलहाल दिल्ली में हैं, इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो सके। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि दोनों वरिष्ठ नेताओं से भूपेश बघेल की फोन पर बातचीत हो चुकी है और वे अगले एक-दो दिनों में चंडीगढ़ पहुंचकर प्रभारी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी अनुपस्थिति को किसी राजनीतिक मतभेद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
"कांग्रेस पूरी तरह एकजुट" : राजा वड़िंग
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल सभी नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी राय जान रहे हैं, ताकि संगठन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। वड़िंग ने कहा कि यह मंथन अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा और पार्टी के हर महत्वपूर्ण नेता एवं पदाधिकारी से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की जाएगी। उनका कहना था कि कांग्रेस संगठन को पहले से अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में यह पूरी कवायद की जा रही है।
अनुपस्थित जिला अध्यक्षों पर भी दी सफाई
जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में कुछ पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठे। इस पर राजा वड़िंग ने बताया कि दो जिला अध्यक्ष अमरनाथ यात्रा पर गए हुए हैं और उन्होंने पहले ही इसकी सूचना पार्टी नेतृत्व को दे दी थी। इसलिए उनकी अनुपस्थिति को किसी तरह के असंतोष या गुटबाजी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
परगट सिंह ने भी दी सफाई
इस बीच कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भी अपने दिल्ली दौरे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली जाना पूरी तरह निजी कारणों से था। उनके अनुसार, वह अपनी पत्नी को विदेश यात्रा के लिए छोड़ने दिल्ली गए थे और इस दौरे का किसी राजनीतिक बैठक या संगठनात्मक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
मतभेद के सवाल पर पार्टी का जवाब
वर्किंग प्रेसिडेंट राजकुमार वेरका ने भी गुटबाजी के सवालों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस का पूरा ध्यान 2027 के विधानसभा चुनाव पर है। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी भी बड़े राजनीतिक दल में अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन अगर कहीं मतभेद हैं तो उन्हें बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पंजाब कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता एकजुट होकर जनता के बीच जाएंगे और चुनावी तैयारियों को मिलकर आगे बढ़ाएंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठन को मजबूत बनाकर ही आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभावी प्रदर्शन किया जा सकता है।