
आरंग। रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में नरदहा की मुख्य सड़क इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आने वाली इस सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और पानी का जमाव हो गया है। बारिश के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत सुधारने के नाम पर बार-बार गड्ढों में बजरी और मुरुम डाली जाती है, लेकिन कुछ ही समय बाद पानी के बहाव के साथ यह सामग्री बह जाती है और गड्ढे फिर उभर आते हैं।
हर कुछ दिन में ‘मरम्मत’, लेकिन सड़क जस की तस
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर अक्सर मरम्मत का काम नजर आता है। गड्ढों में बजरी-मुरुम डालकर उन्हें भरने की कोशिश की जाती है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाती। बारिश होने के बाद डाली गई सामग्री खिसक जाती है और सड़क पर फिर बड़े गड्ढे दिखाई देने लगते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार इसी तरह की मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। उनका सवाल है कि जब सड़क बार-बार उसी जगह से टूट रही है तो इसकी वजह पता लगाकर स्थायी काम क्यों नहीं कराया जा रहा?
बारिश में सड़क या छिपा हुआ खतरा?
नरदहा की सड़क पर जलभराव ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। पानी भरने के कारण कई गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालक अचानक उनमें फंस जाते हैं। दोपहिया चालकों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिम भरी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क का इस्तेमाल रोजाना स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, कर्मचारियों और अन्य वाहन चालकों द्वारा किया जाता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है।
ग्रामीण बोले- अस्थायी पैबंद नहीं, चाहिए स्थायी समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बार-बार गड्ढे भरने और मरम्मत में खर्च होने वाली राशि का आकलन किया जाए तो संभव है कि सड़क के स्थायी सुधार पर ही पैसा लगाया जा सकता था। लोगों का कहना है कि हर बारिश के बाद सड़क की स्थिति फिर खराब हो जाती है, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। अब ग्रामीणों ने PWD से सड़क की तकनीकी जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण स्थायी निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि केवल गड्ढों में बजरी डालने से काम नहीं चलेगा। सड़क की मजबूती, जल निकासी और निर्माण गुणवत्ता पर एक साथ काम किया जाना चाहिए।
‘गड्ढों में सड़क तलाश रहे लोग’
स्थानीय लोगों की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अब सड़क की हालत को लेकर कहते हैं कि नरदहा में सड़क पर गड्ढे नहीं हैं, बल्कि गड्ढों के बीच कहीं-कहीं सड़क बची है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग इस समस्या को सिर्फ अस्थायी मरम्मत तक सीमित रखने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि बारिश के हर दौर में सड़क की यही कहानी दोहरानी न पड़े।