
नई दिल्ली/रायपुर।बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई टीम तैयार करने में जुट गए हैं। पार्टी का रिमोट कंट्रोल अब उनके हाथ में है और वे 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर अपनी टीम बना रहे हैं। दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि इस नई राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ के नेताओं को बड़ी और अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
नितिन नवीन इसी साल जनवरी में बीजेपी के 16वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। अध्यक्ष बनने से पहले वे छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रभारी थे। इस वजह से वे छत्तीसगढ़ के नेताओं और यहां के संगठन की ताकत को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। छत्तीसगढ़ बीजेपी के संगठन को देश में सबसे मजबूत माना जाता है। इसी मजबूती और पुराने भरोसे के कारण नितिन नवीन अपनी नई दिल्ली वाली टीम में छत्तीसगढ़ के दिग्गजों को खास जगह दे सकते हैं।
युवा महिला और अनुभव का होगा तालमेल
पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई टीम में युवाओं के जोश और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का बराबर तालमेल रखा जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं को भी अहम पदों पर बिठाया जाएगा। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद कभी भी इन नए नामों का ऐलान किया जा सकता है। वैसे भी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ को हमेशा महत्व मिला है और हर बार दो से तीन नेताओं को जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन इस बार अध्यक्ष खुद नितिन नवीन हैं इसलिए यह संख्या बढ़ सकती है।
राष्ट्रीय टीम के लिए इन 9 संभावित नामों की है सबसे ज्यादा चर्चा
नितिन नवीन की टीम में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से करीब आठ से नौ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। ये वे नेता हैं जो संगठन का काम जानते हैं और जातिगत समीकरणों में भी फिट बैठते हैं।
संतोष पांडे यह राजनांदगांव से लगातार दो बार के सांसद हैं। वे पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं। उन्हें संगठन चलाने का लंबा अनुभव है और वे एक कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं।
नारायण चंदेल यह पार्टी का बड़ा ओबीसी चेहरा हैं। तीन बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनके पास प्रदेश संगठन का अच्छा खासा अनुभव है।
अनुराग सिंह देव वर्तमान में हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष हैं। युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। कांग्रेस के दिग्गज टीएस सिंह देव के खिलाफ दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। पार्टी इनमें काफी संभावनाएं देखती है।
सौरभ सिंह अकलतरा के पूर्व विधायक हैं। यह एक तेजतर्रार युवा चेहरा हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुखर रहने वाले सौरभ सिंह को नितिन नवीन का बेहद करीबी माना जाता है।
महेश गागड़ा यह पूर्व मंत्री और आदिवासी चेहरा हैं। राष्ट्रीय स्तर पर युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी माने जाते हैं और संगठन के काम में माहिर हैं।
लता उसेंडी बस्तर से आने वाला यह एक बड़ा आदिवासी चेहरा हैं। पूर्व मंत्री रह चुकी हैं और वर्तमान में पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उनके पास ओडिशा राज्य के प्रभारी की भी जिम्मेदारी है।
भावना बोहरा यह पार्टी का तेजतर्रार महिला चेहरा हैं और वर्तमान में विधायक हैं। सामाजिक कार्यों में इनकी पकड़ बहुत मजबूत है। छत्तीसगढ़ के बाहर दूसरे राज्यों के चुनावों में भी पार्टी इनका उपयोग कर रही है।
सुशांत शुक्ला यह युवा विधायक हैं और युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके हैं। यह पार्टी का बड़ा युवा चेहरा हैं और इन्होंने नितिन नवीन के साथ काफी काम किया है।
डॉ कृष्णमूर्ति बांधी यह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हैं और पार्टी का बड़ा अनुसूचित जाति चेहरा हैं।
मंत्रियों को मिली जगह तो राज्य में होगा फेरबदल
चर्चा केवल विधायकों या पूर्व विधायकों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार के कुछ ऐसे मंत्री भी हैं जिनका कामकाज बहुत अच्छा रहा है। पूरी संभावना है कि नितिन नवीन अपने पुराने अनुभव को देखते हुए कुछ मंत्रियों को भी दिल्ली बुलाकर अपनी टीम में शामिल कर लें। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे और कुछ नए चेहरों को मंत्री बनने का मौका मिलेगा।
हाईकमान करेगा फैसला
इस पूरी सियासी चर्चा पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के काम करने का अपना एक तरीका है। राष्ट्रीय स्तर पर पदाधिकारियों को चुनने का काम पार्टी हाईकमान और शीर्ष नेतृत्व का होता है और वही टीम तय करेगी कि किसे क्या जिम्मेदारी देनी है।




