
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कथित धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर स्थानीय लोगों ने धर्म परिवर्तन कराने और प्रलोभन देने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर पूछताछ की और तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव में आयोजित सभा के दौरान लोगों को बेहतर जीवन, मुफ्त इलाज और अच्छे रिश्तों का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सभा में धार्मिक प्रचार सामग्री के साथ बाइबल वितरित की जा रही थी और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें भी कही गईं। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद विवाद की स्थिति बन गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
सीपत थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर राम स्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और पंकज कुमार करियारे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और प्रार्थना सभा से जुड़े दस्तावेजों व अन्य सामग्रियों की भी जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक और सामाजिक विवाद सामने आते रहे हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर राज्य में धार्मिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले को लेकर स्थानीय संगठनों और ग्रामीणों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।