
बिलासपुर। मई की चिलचिलाती धूप और आग उगलते आसमान के बीच देवरीखुर्द के रहवासी हर दिन एक ही जद्दोजहद से गुजरते हैं—पानी का इंतजार। खाली डिब्बे, बाल्टियां और तपती दोपहरी में टैंकर की राह निहारतीं महिलाओं की आंखें नगर निगम के उन दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं, जिनमें कहा गया था कि इस गर्मी से पहले आउटर के इलाकों की प्यास बुझ जाएगी। हकीकत यह है कि 37.50 करोड़ रुपए की जल आवर्धन योजना सिस्टम की लेटलतीफी की भेंट चढ़ गई है, और देवरीखुर्द सहित 8 वार्डों के करीब 30 हजार लोग आज भी पानी के लिए हांफ रहे हैं।
अगस्त का प्लान, जनवरी में काम और अब अगले साल का बहाना
नगर निगम ने अगस्त 2025 में बड़ी-बड़ी बातें करते हुए शासन को एक स्पेशल वर्क प्लान भेजा था। दावा था कि गर्मी से पहले बहतराई, मोपका, राजकिशोर नगर, देवरीखुर्द और सिरगिट्टी के लोगों को पानी की किल्लत से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन लालफीताशाही देखिए, फाइलें शासन स्तर पर महीनों रेंगती रहीं और काम जनवरी 2026 में जाकर शुरू हो पाया।
नतीजा सबके सामने है। 28 करोड़ की पहली योजना के तहत 11 पानी की टंकियां बननी थीं और 112 किमी पाइपलाइन बिछनी थी, लेकिन 5 महीने में बमुश्किल 40 किमी (30-40%) काम ही हो पाया है। दूसरी ओर, सिरगिट्टी और चुचुहियापारा को अमृत मिशन से जोड़ने वाली 9.50 करोड़ की योजना में 17 किमी के एवज में सिर्फ 12 किमी पाइपलाइन डल सकी है। ब्रांच लाइन और घरों के कनेक्शन का तो अभी अता-पता ही नहीं है।
देवरीखुर्द का दर्द: पूरी दोपहर कट रही टैंकर के इंतजार में
देवरीखुर्द का नजारा सबसे ज्यादा पीड़ादायक है। दोपहर होते ही यहां के लोग सारे काम छोड़कर सड़क पर आकर खड़े हो जाते हैं। निगम ने आउटर इलाकों—मोपका, सिरगिट्टी, तालापारा, गणेशनगर—के लिए महज 6 टैंकर लगा रखे हैं। जब ये टैंकर देवरीखुर्द पहुंचते हैं, तो पानी के लिए अफरा-तफरी मच जाती है। लो प्रेशर की समस्या ने पहले ही नलों को नाकारा कर दिया है, ऐसे में जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है।
170 करोड़ के नए सपने, कॉलोनियां अब भी प्यासी
निगम की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुरानी योजनाएं अब तक अधूरी हैं, सरोज विहार, गीतांजलि सिटी, बालाजी कॉलोनी और सरिता विहार जैसी कई कॉलोनियां इस योजना से ही बाहर हैं, और निगम अब 170 करोड़ रुपए की नई पेयजल योजना का खाका खींच रहा है। जानकार सवाल उठा रहे हैं कि जो विभाग 38 करोड़ का काम समय पर पूरा नहीं कर सका, वह 170 करोड़ की योजना कैसे संभालेगा? पहले अधूरे प्रोजेक्ट पूरे हों, तब तो जनता को राहत मिले।
क्या कहते है अफसर
नगर निगम के जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी का कहना है कि आउटर के वार्डों के लिए वर्क प्लान बनाकर भेजा गया था। 11 पानी टंकी और 112 किमी पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। अगली गर्मी में लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।