
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सामने आए 14.56 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की बेमेतरा शाखा में हुए कथित फर्जी लोन घोटाले के मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास को तमिलनाडु के तंजावुर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया गया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
180 खातों में संदिग्ध तरीके से बांटे गए करोड़ों के लोन
पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक अधिकारियों और कथित बिचौलियों की मिलीभगत से करीब 180 खातों में नियमों को दरकिनार कर ऋण स्वीकृत किए गए।जांच के अनुसार, कई ऐसे लोगों और इकाइयों के नाम पर लोन जारी किए गए जो या तो अस्तित्व में नहीं थीं या पहले ही बंद हो चुकी थीं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजनाओं के तहत भी निर्धारित सीमा से अधिक ऋण स्वीकृत किए जाने के आरोप हैं।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे तैयार किया गया पूरा नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
- पुलिस के अनुसार फर्जी GST दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत किए गए।
- कई मामलों में नकली अभिलेख और अधूरे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
- बिना उचित मूल्यांकन के लोन पास किए गए।
- कुछ मामलों में जिस जमीन को गिरवी दिखाया गया, उसका स्वामित्व ही उधारकर्ताओं के नाम पर नहीं था।
- मत्स्य विभाग के नाम से कथित फर्जी स्वीकृति पत्र लगाकर भी ऋण स्वीकृत किए जाने के आरोप हैं।
बिचौलियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे कथित घोटाले में बिचौलियों की भूमिका भी अहम रही। पुलिस के मुताबिक, ये लोग बैंक और आवेदकों के बीच सक्रिय रहकर ऋण स्वीकृत कराने में मदद करते थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि स्वीकृत लोन की राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में तो नहीं किया गया।
2022 में दर्ज हुई थी शिकायत
इस मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई, जब इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रज्जू पाटनवार ने अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनीत दास, कमलेश सिन्हा, जोहन वर्मा, नागेश वर्मा और टीकाराम माथुर के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी, धोखाधड़ी और गबन समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
धन की रिकवरी और अन्य आरोपियों की तलाश जारी
बेमेतरा पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, धन के प्रवाह (Money Trail) और संभावित रिकवरी की दिशा में जांच जारी है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।