
रायपुर. छत्तीसगढ़ के जिला न्यायपालिका में सेवाएं दे रहे न्यायिक अधिकारियों की अधिवार्षिकी (सेवानिवृत्ति) आयु सीमा में दो साल की वृद्धि कर दी गई है। अब प्रदेश के न्यायिक अधिकारी 60 वर्ष के बजाय 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे। नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधि और विधायी कार्य विभाग के कार्यालय से इस बाबत विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है। शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 को जारी असाधारण राजपत्र (क्रमांक 520) में इसे प्राधिकार से प्रकाशित कर दिया गया है।
यह निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उन अंतरिम आदेशों के पूर्ण अनुपालन में लिया गया है, जो 'ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन व अन्य बनाम भारत संघ व अन्य' प्रकरण में दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट में दायर रिट याचिका (सिविल) क्रमांक 1022/1989 के तहत शीर्ष अदालत ने 22 जुलाई 2026 तथा 5 अगस्त 2026 को विस्तृत आदेश पारित किए थे। इन आदेशों में निर्देशित किया गया था कि न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के विषय पर राज्य सरकार तथा संबंधित उच्च न्यायालय को संयुक्त रूप से निर्णय लेना है।
सुप्रीम कोर्ट के इन्हीं निर्देशों को दृष्टिगत रखते हुए, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर) ने अपनी प्रशासनिक कार्यवाही पूर्ण की। बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने ज्ञापन (क्रमांक 517/ II-2-24/ 2023 (Part-III)/ Confdl./ 2026) दिनांक 12 अगस्त 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने का अपना निर्णय राज्य शासन को प्रेषित किया था।
हाई कोर्ट से ज्ञापन प्राप्त होने के उपरांत, राज्य शासन के विधि विभाग ने इस विषय पर अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी। विधि और विधायी कार्य विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन) के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर के हस्ताक्षर से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार यह अधिसूचना निर्गत की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय की लंबी सुनवाई वाले इस प्रकरण में पारित निर्देशों और उच्च न्यायालय बिलासपुर के परिपालन के आधार पर, राज्य सरकार ने अधिवार्षिकी आयु बढ़ाने का यह आदेश अंतिम रूप से लागू कर दिया है। शासकीय मुद्रणालय, रायपुर से मुद्रित तथा प्रकाशित इस राजपत्रित अधिसूचना के साथ ही आयु सीमा में वृद्धि का यह नियम प्रभावशील हो गया है। जिला न्यायालयों में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों को अब अपनी सेवाएं देने के लिए दो वर्ष की अतिरिक्त अवधि प्राप्त हो गई है।