
बिलासपुर जिले में रेत माफिया का आतंक अब पूरी तरह बेकाबू हो चुका है। सत्ता और रसूख के नशे में माफिया लगातार मासूमों की जान ले रहे हैं। रतनपुर थाना क्षेत्र के खारुन नदी में अवैध खनन के दौरान एक गहरी सुरंग धंस गई। इस मलबे में दबकर 16 साल के अमित कश्यप की दर्दनाक मौत हो गई। उसका एक साथी अमित यादव गंभीर रूप से घायल है। उसे इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है बल्कि प्रशासन और रेत माफिया के नापाक गठजोड़ का सीधा नतीजा है।
मोपका में नेतापति का दबदबा अरपा चेक डेम से रोज गुजरते हैं 100 ट्रैक्टर
जिले में अवैध खनन का यह जानलेवा खेल सिर्फ रतनपुर तक सीमित नहीं है। मोपका- दोमुहानी में भी जमकर नियम कानून तोड़े जा रहे हैं। यहां एक रसूखदार नेता के पति ने अवैध ईंट भट्टे और रेत खनन का बड़ा कारोबार खोल रखा है। राजनीतिक रसूख का आलम यह है कि अरपा चेक डेम के रास्ते से दिन भर में 100 से ज्यादा ट्रैक्टर रेत और ईंट लेकर बेधड़क गुजरते हैं। प्रशासन सबकुछ देखकर भी अंधा बना हुआ है। सत्ता की हनक के आगे पुलिस और खनिज विभाग ने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से चेक डेम को भी खतरा पैदा हो गया है लेकिन कोई अफसर इस पर बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।
वाइब्रेशन से गिरी रेत और सुबूत मिटाने की रची गई साजिश
बुधवार रात गढ़वट और सरवन देवरी गांव के पास नदी में माफिया चोरी छिपे रेत निकलवा रहे थे। ज्यादा रेत के लालच में मजदूरों ने नदी के अंदर गहरी सुरंग बना रखी थी। रात करीब एक बजे वहां रेत लेने एक ट्रैक्टर पहुंचा। भारी इंजन के कंपन से ऊपर की रेत अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई। अमित और उसका साथी उसी सुरंग में खुदाई कर रहे थे और वे सीधे मलबे में दब गए। मौजूद मजदूरों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला पर अमित की जान जा चुकी थी। घटना के तुरंत बाद माफिया ने सुरंग को रेत से भर दिया ताकि पुलिस के सामने इसे एक सामान्य ट्रैक्टर हादसा साबित किया जा सके।
सरपंच बोलीं टीम आने से पहले तस्करों को मिल जाती है खबर
इस मौत के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। सरवन देवरी की सरपंच शकुंतला काछी ने पूरे सरकारी सिस्टम की पोल खोल दी है। उन्होंने साफ बताया कि पुलिस और कलेक्टर से कई बार लिखित शिकायत की गई पर कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया। जब भी कोई टीम छापा मारने निकलती है तस्करों को पहले ही खबर मिल जाती है और वे मौके से भाग निकलते हैं। गांव वाले बता रहे हैं कि अफसर और तस्कर पूरी तरह मिले हुए हैं। माफिया ने पूरी नदी में जगह जगह जानलेवा गड्ढे बना दिए हैं जो अब लोगों की कब्रगाह बन रहे हैं।
सिर्फ खाली ट्रैक्टर पकड़ कर पीठ थपथपा रहा महकमा
इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा के ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने खनिज विभाग की कार्रवाई पर सीधे सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा कि महकमा सिर्फ खाली ट्रैक्टर पकड़ कर अपनी ड्यूटी पूरी मान लेता है। बड़ी पोकलेन मशीनें और रेत से भरे भारी डंपर खुलेआम घूम रहे हैं पर उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। वहीं जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बेलतरा से लेकर कोटा तक हो रहे इस अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
3 साल में 17 मौतें फिर भी नहीं जागा सिस्टम
रेत और मुरूम का अवैध कारोबार पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। पिछले तीन साल के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। अवैध खनन से जुड़े हादसों में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में सबसे ज्यादा बच्चे और कम उम्र के लड़के शामिल हैं। माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि दो महीने पहले गढ़वट गांव में अवैध खनन रोकने गए नायब तहसीलदार राहुल साहू पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश की गई थी। जिले में सिर्फ 4 रेत घाट मंजूर हैं लेकिन असलियत में 24 से ज्यादा जगहों पर दिन रात नदियां खोदी जा रही हैं। मासूमों की मौत के बाद भी बिलासपुर का प्रशासन गहरी नींद में सो रहा है।




