
बिलासपुर/रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2000 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले (CG Liquor Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर अपनी दबिश तेज कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले की गहरी परतें उधेड़ते हुए ईडी की टीम ने रायपुर के मध्य नगरी चौक स्थित मशहूर श्री राम ज्वेलर्स (Shree Ram Jewellers) के संचालक विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में हुई इस हाई-प्रोफाइल रेड से राजधानी के कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है। ईडी की टीम ज्वेलरी शॉप और उनके निवास पर वित्तीय दस्तावेजों, कच्चे-पक्के बिलों और करोड़ों के लेन-देन के रिकॉर्ड को बारीकी से खंगाल रही है।
दुबई कनेक्शन: राडार पर मास्टरमाइंड सुब्बू
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के केंद्र में असल में विवेक अग्रवाल के भाई विकास अग्रवाल उर्फ 'सुब्बू' हैं। विकास अग्रवाल को 2000 करोड़ के इस शराब घोटाले का एक बेहद अहम और मास्टरमाइंड संदिग्ध माना जा रहा है। जांच एजेंसियों की भनक लगते ही विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू देश छोड़कर फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि वह वर्तमान में दुबई (Dubai) में बैठकर अपनी तमाम अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहा है और फिलहाल जांच एजेंसियों की पहुंच से दूर है। शराब सिंडिकेट के इस बड़े नेटवर्क में सुब्बू का नाम पहले भी कई बार प्रमुखता से सामने आ चुका है, और ईडी लगातार उसके खिलाफ अपना शिकंजा कस रही है।
ज्वेलरी कारोबार के रास्ते काले धन की 'लॉन्ड्रिंग'?
प्रवर्तन निदेशालय की जांच अब मुख्य रूप से इस दिशा में केंद्रित है कि क्या 2019 से 2022 के बीच शराब सिंडिकेट से कमाई गई अरबों रुपए की काली कमाई को सफेद करने के लिए श्री राम ज्वेलर्स या उनके अन्य कारोबारी प्रतिष्ठानों का इस्तेमाल किया गया है? जांच अधिकारियों को गहरा शक है कि सिंडिकेट के इस अवैध पैसे को सोने-चांदी की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री, प्रॉपर्टी डीलिंग और अन्य निवेशों के जरिए खपाया गया है। रेड के दौरान बैंक खातों के ट्रांजैक्शन, डमी कंपनियों के दस्तावेज और बेनामी निवेश से जुड़े कई अहम सुराग ईडी की टीम जुटा रही है।
पहले भी कुर्क हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति
गौरतलब है कि ईडी ने छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 तक चले इस शराब सिंडिकेट के कई बड़े राज पहले ही फाश किए हैं। जांच में यह साफ हो चुका है कि इस नेटवर्क में प्रदेश के कई प्रभावशाली नौकरशाहों और रसूखदार लोगों की सीधी भूमिका रही है। विकास अग्रवाल की संलिप्तता पाए जाने के बाद जांच एजेंसी पूर्व में ही उसकी कई संपत्तियों को अटैच (कुर्क) कर चुकी है। लेकिन दुबई में बैठे सुब्बू के आर्थिक साम्राज्य की कमर तोड़ने के लिए अब उसके करीबियों के कारोबार पर ईडी का डंडा चला है।
कई और बड़े चेहरों से उठ सकता है नकाब
ईडी की इस ताजा कार्रवाई से साफ हो गया है कि शराब घोटाले की फाइल अभी बंद नहीं हुई है। सूत्रों का दावा है कि श्री राम ज्वेलर्स में मिल रहे दस्तावेजों की सघन जांच के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े कई और 'सफेदपोश' लोगों के नाम बेनकाब हो सकते हैं। राज्य में आर्थिक अपराधों के खिलाफ जांच एजेंसियों का यह सख्त कदम आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी कार्रवाइयों का संकेत दे रहा है।