Chhattisgarh Budget 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता मिली है। राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹3500 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है।

वित्त मंत्री Om Prakash Choudhary ने बजट प्रस्तुति के दौरान इस घोषणा की। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है — सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करना, डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देना और दूरदराज़ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना।

इस बार का बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है। इसमें संरचना, डिजिटल सिस्टम, मेडिकल शिक्षा और बीमा कवर — सभी को संतुलित तरीके से शामिल किया गया है।


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₹2000 करोड़ ABDM के लिए: डिजिटल हेल्थ पर फोकस

सरकार ने ₹2000 करोड़ Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM) के लिए आवंटित किए हैं।

ABDM का उद्देश्य डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करना है। यह मिशन पहले National Digital Health Mission के नाम से शुरू हुआ था।

भारत सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ABDM नागरिकों को डिजिटल हेल्थ आईडी, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और इंटरऑपरेबल हेल्थ सिस्टम की सुविधा देता है। इससे मरीज का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहता है।

सरल शब्दों में कहें तो — अब “फाइल कहां गई?” वाला सवाल कम होगा।

डिजिटल मॉडल से सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी आसान होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवा वितरण तेज़ होगा।


₹1500 करोड़ शाहिद वीर सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए

राज्य सरकार ने ₹1500 करोड़ Shahid Veer Singh Ayushman Bharat Yojana के लिए निर्धारित किए हैं।

यह योजना पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। आयुष्मान भारत मॉडल के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज में वित्तीय सुरक्षा मिलती है।

सरकार ने इस आवंटन से स्पष्ट संकेत दिया है कि वह बीमा कवरेज को स्थिर और मजबूत रखना चाहती है।

स्वास्थ्य खर्च परिवारों को गरीबी की ओर धकेल सकता है। बीमा योजनाएं इस जोखिम को कम करती हैं। यही इस निवेश का तर्क है।


जिला स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड

बजट में नए जिला अस्पताल भवनों के निर्माण की योजना शामिल है।

अंबिकापुर, धमतरी और चिरमिरी में नए भवन विकसित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर उपचार सुविधा बेहतर होगी।

राजधानी Raipur में 200-बेड का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट स्थापित किया जाएगा। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए ऐसी इकाइयाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

यह निवेश सीधे प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा।


बस्तर क्षेत्र में सुपर-स्पेशियलिटी फोकस

सरकार ने Jagdalpur में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की योजना बनाई है।

साथ ही Dantewada में मेडिकल कॉलेज और मेडिकल सिटी विकसित की जाएगी।

बस्तर क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी झेलता रहा है। इस घोषणा से क्षेत्रीय असमानता कम करने की दिशा में कदम उठाया गया है।


मेडिकल शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट

सरकार ने कुंकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेजों के विकास के लिए ₹50 करोड़ आवंटित किए हैं।

इसके अलावा:

  • बिलासपुर में राज्य संचालित कैंसर संस्थान
  • रायपुर में एडवांस्ड कार्डियक इंस्टीट्यूट
  • राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज

इन संस्थानों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।

General Nursing and Midwifery प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ किसी भी स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ होता है।


ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा: 25+ केंद्रों का विस्तार

सरकार 25 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सब-हेल्थ सेंटर और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर स्थापित करेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में दूरी सबसे बड़ी बाधा होती है। स्थानीय केंद्र इस समस्या को कम करते हैं।

योजना में 25 डायलिसिस सेंटर और 50 जन औषधि केंद्र भी शामिल हैं। जन औषधि केंद्र सस्ती दवाएं उपलब्ध कराते हैं, जिससे आम नागरिक को राहत मिलती है।


श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल के लिए ₹25 करोड़

सरकार ने ₹25 करोड़ Sri Sathya Sai Sanjeevani Hospital के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए आवंटित किए हैं।

यह अस्पताल बाल हृदय रोग उपचार के लिए जाना जाता है। इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार से उपचार क्षमता बढ़ेगी।


डिजिटल + फिजिकल मॉडल: संतुलित रणनीति

इस बजट की खास बात संतुलन है।

सरकार ने केवल भवन निर्माण पर जोर नहीं दिया। उसने डिजिटल सिस्टम, बीमा कवर, मेडिकल शिक्षा और ग्रामीण पहुंच — सभी पर निवेश किया।

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से डेटा मैनेजमेंट सुधरेगा। नए अस्पतालों से सेवा क्षमता बढ़ेगी। मेडिकल कॉलेज भविष्य के डॉक्टर तैयार करेंगे।

अगर इसे एक लाइन में कहें — “सिस्टम अपग्रेड मोड में है।”