जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक महिला से 2.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले में साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर महिला को रोजाना 5 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया और उसे अपने जाल में फंसा लिया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए छोटे-छोटे रिटर्न दिखाए गए, जिसके बाद महिला ने बड़ी रकम निवेश कर दी। इसी दौरान आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से कुल 2 करोड़ 27 लाख रुपये ठग लिए।

कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को पानीपत (हरियाणा) से और मुख्य आरोपी को नागपुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी अभिषेक विश्वकर्मा पहले से ही साइबर ठगी के मामलों में लिप्त रहा है और नागपुर जेल में बंद था। उसे प्रोडक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया है।

जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने ठगी के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं और रकम को इधर-उधर करने के लिए कई बैंक खातों करंट और जॉइंट अकाउंट्स का इस्तेमाल किया। मई 2025 में पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद से ही पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई थी।

अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह सिर्फ एक ही मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों को इसी तरह निशाना बनाया गया हो सकता है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

यह मामला निवेश के नाम पर बढ़ते साइबर फ्रॉड की गंभीरता को उजागर करता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें और अवास्तविक रिटर्न के लालच में न आएं।