
नई दिल्ली: मानसून के साथ डेंगू के मामले भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। यह बीमारी एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलती है और शुरुआती दिनों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। डेंगू का नाम आते ही सबसे बड़ा सवाल प्लेटलेट्स को लेकर होता है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ प्लेटलेट्स की संख्या देखकर बीमारी की गंभीरता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
कब कम होने लगती हैं प्लेटलेट्स?
डेंगू में प्लेटलेट्स आमतौर पर बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के बीच घटने लगती हैं। यह वही समय होता है जब कई मरीजों का बुखार उतरने लगता है। इसी अवधि को बीमारी का क्रिटिकल फेज माना जाता है, इसलिए इस दौरान मरीज की नियमित निगरानी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराना जरूरी होता है।
सामान्य प्लेटलेट्स कितनी होती हैं?
एक स्वस्थ व्यक्ति में प्लेटलेट्स की सामान्य संख्या 1.5 लाख से 4.5 लाख प्रति माइक्रोलिटर खून होती है। डेंगू में यह संख्या कम हो सकती है, लेकिन इसका मतलब हमेशा गंभीर स्थिति नहीं होता। डॉक्टर प्लेटलेट्स के साथ-साथ मरीज के लक्षण, ब्लड प्रेशर और अन्य जांच रिपोर्टों का भी मूल्यांकन करते हैं।
इन चेतावनी संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर डेंगू के दौरान निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- लगातार तेज पेट दर्द
- बार-बार उल्टी होना
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- त्वचा पर लाल या नीले धब्बे दिखना
- सांस लेने में परेशानी
- अत्यधिक कमजोरी, चक्कर या सुस्ती महसूस होना
- पेशाब या मल में खून आना
ये संकेत गंभीर डेंगू की ओर इशारा कर सकते हैं और समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है।
क्या सिर्फ प्लेटलेट्स कम होना ही चिंता की बात है?
नहीं। कई मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने के बावजूद कोई गंभीर समस्या नहीं होती, जबकि कुछ मामलों में प्लेटलेट्स अपेक्षाकृत अधिक होने पर भी स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए इलाज का फैसला केवल प्लेटलेट्स की संख्या के आधार पर नहीं किया जाता।
प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें?
डेंगू होने पर सबसे जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी, सूप और अन्य तरल पदार्थ लें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर CBC और अन्य जांच कराएं तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें। यदि खून बहना, तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचें। समय पर इलाज मिलने से डेंगू की गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है.