रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ में शामिल नहीं होने वाले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस संगठन अब ऐसे नेताओं की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से अनुपस्थित नेताओं की सूची तैयार की जा रही है। सूची फाइनल होने के बाद संबंधित नेताओं से जवाब मांगा जाएगा और उनके जवाब के आधार पर संगठन आगे का फैसला लेगा।

प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री मलकीत सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली की महारैली में शामिल नहीं होने वाले नेताओं की सूची तैयार की जा रही है। दीपावली के बाद इन नेताओं से चर्चा की जाएगी। इसके बाद संगठन स्तर पर उचित निर्णय लिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

दिल्ली महारैली में शामिल नहीं होने पर कांग्रेस का सख्त रुख

दरअसल, 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ का आयोजन किया गया था। इस रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना था। ऐसे में पार्टी के पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी को गंभीरता से लिया जा रहा है।

कांग्रेस संगठन का मानना है कि पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में पदाधिकारियों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी संगठनात्मक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसी आधार पर अब छत्तीसगढ़ में भी अनुपस्थित रहने वाले नेताओं से जवाब-तलब करने की तैयारी की जा रही है।

यूथ कांग्रेस ने सात राज्यों में 202 पदाधिकारियों को किया निलंबित

दिल्ली महारैली में शामिल नहीं होने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ यूथ कांग्रेस ने पहले ही सख्त कदम उठाया है। संगठन ने सात राज्यों में कुल 202 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, मध्य प्रदेश और झारखंड शामिल हैं।

जारी जानकारी के मुताबिक, गुजरात में 49, पश्चिम बंगाल में 26, उत्तर प्रदेश में 11, तेलंगाना में 14, हरियाणा में 10, झारखंड में 32 और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 60 पदाधिकारियों पर कार्रवाई

सात राज्यों में हुई कार्रवाई में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया। वहीं गुजरात में 49 और झारखंड में 32 पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई। यूथ कांग्रेस ने संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ संगठनात्मक अनुशासन का हवाला देते हुए निलंबन के आदेश जारी किए हैं।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी बढ़ेगी संगठनात्मक सख्ती

अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी इसी तरह की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश संगठन की ओर से तैयार की जा रही सूची में किन नेताओं और पदाधिकारियों के नाम शामिल होंगे, इस पर सबकी नजर है। दीपावली के बाद संबंधित नेताओं से चर्चा और जवाब-तलब की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।

हालांकि, अभी तक छत्तीसगढ़ में किसी नेता के खिलाफ निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का अंतिम आदेश जारी होने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल कार्रवाई की प्रक्रिया तैयारी और समीक्षा के स्तर पर है।

अब देखना होगा कि प्रदेश कांग्रेस संगठन किन नेताओं को नोटिस जारी करता है और उनके जवाब के बाद क्या फैसला लेता है। दिल्ली महारैली में गैरमौजूदगी का मामला आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।