गुवाहाटी: असम में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आज हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में बोरदोलोई ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
एक दिन पहले दिया था इस्तीफा
बोरदोलोई ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा। अपने संक्षिप्त इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि “अत्यंत दुख के साथ मैं कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं।”
भाजपा ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने भी उनका स्वागत किया। बताया जा रहा है कि बोरदोलोई के शामिल होने को भाजपा नेतृत्व से पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बोरदोलोई पार्टी के पुराने और अहम सदस्य रहे हैं। जितेंद्र सिंह ने कहा कि “बोरदोलोई की रगों में कांग्रेस का खून दौड़ता है, हम एक परिवार हैं और रहेंगे।” वहीं गौरव गोगोई ने भी उनसे बातचीत की, हालांकि पार्टी ने उनके फैसले पर खुलकर टिप्पणी नहीं की।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
गौरतलब है कि प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेताओं में से एक थे और विधानसभा चुनावों के लिए घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी थे। ऐसे में उनका भाजपा में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।





