नई दिल्ली। देश में एलपीजी गैस की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने गैस संकट और सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए, वहीं इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद के बयान से सदन में माहौल गरमा गया।

विपक्षी दलों का आरोप है कि देश के कई हिस्सों में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर संसद में सरकार से जवाब मांगते हुए विपक्ष ने तीखे सवाल उठाए।


गैस संकट को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला

संसद में चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और गैस की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर देश में गैस की कोई कमी नहीं है तो कई जगहों पर लोगों को सिलेंडर के लिए परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है। उन्होंने अयोध्या की राम रसोई का जिक्र करते हुए सवाल किया कि यदि गैस आपूर्ति सामान्य है तो ऐसी योजनाओं के संचालन में बाधा क्यों आ रही है।


‘नाले की गैस’ वाले बयान पर कसा तंज

बहस के दौरान कीर्ति आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान का जिक्र करते हुए ‘नाले से गैस बनाने’ के उदाहरण पर भी तंज कसा। इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर के लिए तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बताया जाता है कि इसी दौरान भाजपा के एक सांसद ने उनके बयान पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और सदन में गहमागहमी का माहौल बन गया।


भाजपा सांसदों पर भी टिप्पणी

चर्चा के दौरान कीर्ति आजाद ने भाजपा सांसदों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें “WhatsApp यूनिवर्सिटी के छात्र” तक कह दिया। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल और गरमा गया।


सरकार से जवाब की मांग

विपक्षी दलों ने मांग की है कि केंद्र सरकार एलपीजी गैस की उपलब्धता, कीमतों और आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब दे। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, इसलिए सरकार को इस पर संसद में विस्तृत जानकारी देनी चाहिए।